फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Balrampur News: बाघ का इंतजार... चार दिन से पिंजरा खाली

Fri, 18 Sep 2026 10:50 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
विज्ञापन
फोटो-10- जरवा के हलौरा में बाघ को पकड़ने के लिए लगाया जा रहा पिंजरा। संवाद
विज्ञापन
जरवा। सोहेलवा वन्यजीव प्रभाग की तुलसीपुर रेंज में बाघ की तलाश चौथे दिन भी जारी रही। हलौरा संग्रामपुर में लगाए गए पिंजरे में बाघ नहीं फंसा। वन विभाग के अनुसार बाघ एक बार पिंजरे तक पहुंचा, लेकिन शटर गिरने की आवाज सुनकर भाग गया। अब पिंजरे में दोबारा बकरी बांधकर निगरानी बढ़ा दी गई है। आसपास मिट्टी और बालू की ट्रैकिंग पट्टी बनाई गई है, ताकि बाघ के पगचिह्नों से उसकी गतिविधियों का पता लगाया जा सके।
विज्ञापन



रेंजर अमरजीत प्रसाद ने बताया कि दुधवा नेशनल पार्क से दो ट्रैकिंग कैमरों की चिप मिली है। इन्हें संभावित स्थानों पर लगाया जाएगा। वन विभाग के अनुसार मंगलवार रात बकरी की आवाज सुनकर बाघ पिंजरे तक पहुंचा था। उसने बकरी पर झपट्टा मारा, तभी पिंजरे का शटर गिर गया। आवाज सुनकर बाघ पीछे हटकर भाग गया। बुधवार रात बकरी बांधे जाने के बावजूद बाघ नहीं आया। बृहस्पतिवार को फिर बकरी बांधकर निगरानी की गई। वनकर्मी लगातार गश्त कर रहे हैं। ट्रैपिंग कैमरों और ट्रैकिंग पट्टी पर मिले पगचिह्नों के आधार पर बाघ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। दुधवा नेशनल पार्क के बाघ विशेषज्ञों और वन विभाग के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर आगे की रणनीति तय की।



120 गांवों के लिए बनी अलग कार्ययोजना

बाघ और अन्य वन्यजीवों की आवाजाही को देखते हुए जिला प्रशासन ने सोहेलवा जंगल से सटे 120 संवेदनशील गांवों को चिह्नित किया है। मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए इन गांवों में विद्यालयों, ग्राम चौपालों, ई-रिक्शा पर लाउडस्पीकर और सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। पूर्व में हुई घटनाओं का जियो-टैग्ड डेटाबेस तैयार कर हॉटस्पॉट भी चिह्नित किए जाएंगे। जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने वन विभाग के अधिकारियों को क्षेत्र में नियमित निगरानी के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें