बलरामपुर। ग्रामीण अंचल के बच्चों को विज्ञान और अंतरिक्ष की आधुनिक दुनिया से जोड़ने की दिशा में सराहनीय पहल की गई है। जिले के सात परिषदीय विद्यालयों में स्थापित स्पेस लैब को एक्सपोजर विजिट केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। इन विद्यालयों में आसपास की ग्राम पंचायतों के छात्र-छात्राओं को भ्रमण कराकर वैज्ञानिक गतिविधियों का प्रत्यक्ष अनुभव कराया जाएगा।
सदर विकास खंड की ग्राम पंचायत कलवारी स्थित कंपोजिट विद्यालय कलवारी में स्थापित स्पेस लैब में बलरामपुर देहात, विशुनीपुर, विशुनापुर खास, खगई जोत और गोंदीपुर ग्राम पंचायतों के बच्चे पहुंचकर अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़ी जानकारियां प्राप्त करेंगे। इसी क्रम में पचपेड़वा विकास खंड के ग्राम पंचायत शंकरपुर कला स्थित प्राथमिक विद्यालय शंकरपुर कला में बने स्पेस लैब में लक्ष्मीनगर, बड़गौ, भाथर और गोवरी ग्राम पंचायतों के छात्र-छात्राओं को एक्सपोजर विजिट कराया जाएगा।
श्रीदत्तगंज विकास खंड की ग्राम पंचायत बायभीट स्थित कंपोजिट विद्यालय बायभीट में स्थापित स्पेस लैब में खम्हरिया, अहलाद, खरदौरी और मनेरिया केरावगढ़ ग्राम पंचायतों के बच्चों को विज्ञान के प्रयोगात्मक पहलुओं से परिचित कराया जाएगा। वहीं, रेहरा बाजार विकास खंड के ग्राम पंचायत सराव खास स्थित कंपोजिट विद्यालय सरायखास के स्पेस लैब में घोघरा, नयानगर, बूधीपुर और छितलूपुर ग्राम पंचायतों के बच्चे विजिट करेंगे। उतरौला विकास खंड के ग्राम पंचायत इमिलिया बनघुसरा स्थित कंपोजिट विद्यालय इमिलिया बनघुसरा में बने स्पेस लैब में चीती, बदलपुर, मझौवाकांद, मझौव्वा, कुरूथुवा और बनकटवा ग्राम पंचायतों के छात्र-छात्राओं को आमंत्रित किया गया है।
इसके अतिरिक्त तुलसीपुर विकास खंड के ग्राम पंचायत महराजगंज तराई स्थित कंपोजिट विद्यालय महराजगंज तराई में स्थापित स्पेस लैब में दांदव, साहेबनगर, जहानडीह और शिवचरनडीह व गुलरिहा ग्राम पंचायतों के बच्चे अंतरिक्ष विज्ञान का प्रत्यक्ष अनुभव करेंगे। इसी तरह गैड़ास बुजुर्ग विकास खंड के ग्राम पंचायत दुधरा स्थित जूनियर हाईस्कूल दुधरा में बने स्पेस लैब में छीतरपारा, हासिमपारा, पिड़िया बुजुर्ग और कैथोलिया सलेमपुर ग्राम पंचायतों के छात्र-छात्राओं का एक्सपोजर विजिट कराया जाएगा। (संवाद)
अंतरिक्ष विज्ञान की दी जाएगी जानकारी
स्पेस लैब विजिट के दौरान बच्चों को ग्रह-नक्षत्र, उपग्रह प्रणाली, अंतरिक्ष यान, वैज्ञानिक उपकरणों और प्रयोगों की जानकारी दी जाएगी। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में बच्चे प्रयोगों को नजदीक से देखकर विज्ञान के सिद्धांतों को समझ सकेंगे। विजिट के उपरांत विद्यालय स्तर पर बच्चों की सहभागिता का विवरण तैयार कर संबंधित कार्यालय को उपलब्ध कराया जाएगा।
बच्चों को दिया जाएगा व्यवहारिक अनुभव
परिषदीय विद्यालयों में स्थापित स्पेस लैब के माध्यम से आसपास की ग्राम पंचायतों के बच्चों को विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़ा व्यावहारिक अनुभव दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना और उन्हें नई तकनीक से जोड़ना है। विजिट के दौरान बच्चों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी और इसकी रिपोर्ट संबंधित कार्यालय में उपलब्ध कराई जाएगी।
-श्रेया उपाध्याय, डीपीआरओ