बलरामपुर के प्राथमिक विद्यालय शंकरपुर कला में स्थापित हुआ एस्ट्रोनॉमी लैब।-संवाद
बलरामपुर। जिले में प्राथमिक विद्यालयों के बच्चे खगोल विज्ञान के बारे में जान और समझ सकेंगे। मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता ने प्राथमिक स्कूल की शिक्षा में अभिनव प्रयोग खगोल विज्ञान प्रयोगशाला के रूप में किया है। अब तक जिले के सात परिषदीय स्कूलों में खगोल विज्ञान प्रयोगशाला स्थापित की गई है।
सीडीओ ने बताया कि परिषदीय स्कूलों में विद्यार्थियों का विज्ञान के प्रति रुझान बढ़ाने के उद्देश्य से खगोल विज्ञान प्रयोगशाला का निर्माण करवाया गया है। इससे विद्यार्थियों को अंतरिक्ष में घटने वाली खगोलीय घटनाओं के अलावा जीवन से जुड़ी अन्य रोचक जानकारियां भी मिल सकेंगी। प्रयोगशाला के विभिन्न उपकरणों के माध्यम से विद्यार्थी स्वयं ब्रह्मांड की गहराइयों में झांकेंगे। भौतिक, रसायन एवं जीव विज्ञान से संबंधित विभिन्न यंत्र, उपकरण व मॉडल आदि के माध्यम से विज्ञान के तमाम पहलू को समझेंगे तो उनकी सोच का दायरा बढ़ेगा। इससे उन्हें जीवन में आगे जाकर इन क्षेत्रों में काम करने, नवाचार और आविष्कार करने में सहायता मिलेगी।
इन स्कूलों में स्थापित हुईं लैब
सदर शिक्षा क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय कलवारी, पचपेड़वा शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय शंकरपुर कला, गैड़ास बुजुर्ग शिक्षा क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय दुधरा तिनिहवा, रेहरा बाजार शिक्षा क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय सरायखास, उतरौला शिक्षा क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय इमिलिया बनघुसरा, श्रीदत्तगंज शिक्षा क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय बायभीट तथा तुलसीपुर शिक्षा क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय महराजगंज तराई में लैब की स्थापना की गई है।
शीघ्र शुरू होगा संचालन
जिले के सात शिक्षा क्षेत्रों में एस्ट्रोनॉमी लैब स्थापित कर दी गई है, इसका शीघ्र संचालन कराया जाएगा। लैब शुरू होने के बाद इस स्कूल के अलावा आसपास के स्कूलों के बच्चों को भी प्रयोगशाला दिखाई जाएगी ताकि वे भी ज्ञान अर्जित कर सकें।
- हिमांशु गुप्ता, मुख्य विकास अधिकारी