बलरामपुर। बाढ़ पीड़ितों को दी जाने वाली राशन किट की निगरानी सीधे राहत आयुक्त कार्यालय से हो रही है। इसके लिए राहत आयुक्त कार्यालय से बाढ़ पीड़ितों को फोन करके सत्यापन किया जा रहा है। साथ ही फीडबैक से अधिकारियों को भी अवगत कराया जा रहा है। अब तक एक लाख दो हजार 590 बाढ़ पीड़ितों को राशन किट दिए जाने का दावा किया जा रहा है।
जिले में बीते दिनों आई बाढ़ में 388 गांव प्रभावित हुए थे। इसमें से 304 गांव ऐसे थे, जो टापू बन गए थे। इसमें सदर तहसील के 82, उतरौला के 126, तुलसीपुर के 96 गांव शामिल हैं। इन गांवों के करीब एक लाख किसानों को कृषि निवेश के तहत फसल क्षति का मुआवजा दिया जाना है। इसकी फीडिंग तहसीलवार कराई जा रही है।
अब तक 54 हजार किसानों का डाटा फीड हो चुका है। यही नहीं, पिछले वर्ष में बाढ़ की आपदा से प्रभावित होने के बाद राहत पाने से छूटे 4,372 किसानों को भी फसल क्षति का मुुआवजा देने का निर्देश दिया गया है। आपदा विशेषज्ञ अरुण सिंह ने बताया कि आदेश मिला है, इसके क्रम में कार्रवाई की जा रही है।
समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने बलरामपुर में आई बाढ़ के दौरान बचाव को लेकर किए गए प्रशासनिक प्रबंधों की सराहना की है। डीएम डॉ. महेंद्र कुमार को भेजे गए पत्र में राज्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत व बचाव का कार्य जिला प्रशासन ने बेहतर तरीके से कराया है।