बलरामपुर के भगवतीगंज में स्थित गेहूं क्रय केंद्र।-संवाद
बलरामपुर। जिले में 30 मार्च से गेहूं खरीद की प्रक्रिया शुरू होगी। किसानों से गेहूं खरीदने के लिए जिले में इस बार 48 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। तीनों तहसीलों में शनिवार तक 1162 किसानों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। पहले दिन गेहूं बेचना किसानों के लिए मुश्किल है, क्योंकि अभी तक किसी भी किसानों का सत्यापन नहीं हो पाया है। किसी का नाम तो किसी का भूमि सत्यापन अटका हुआ है। लेखपाल स्तर पर सत्यापन लंबित होने से किसान भी परेशान हो रहे हैं।
न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के तहत किसानों से गेहूं खरीदने के लिए चार क्रय एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी क्रय केंद्रों पर बोरा, कांटा, ई-पॉस मशीन व सफाई मशीन आदि पहुंचा दी गई हैं। लेखपालों की लापरवाही से गेहूं बेचने के लिए सत्यापन की प्रक्रिया बहुत धीमी चल रही है। आलम यह है कि गेहूं बेचने के लिए तो 1162 किसानों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है, लेकिन अभी तक किसी का भी पूर्ण सत्यापन नहीं हो पाया है।
लेखपालों के पास 863 किसानों का नाम सत्यापन लंबित है तो 648 किसानों का भूमि सत्यापन नहीं हो पाया है। इसी तरह 11 किसानों का ऑनलाइन भुगतान के लिए पीएफएमएस सत्यापन लंबित दिखा रहा है। किसान राम उजागर, भुवन प्रसाद, पुत्तू तिवारी, बृजेश विश्वकर्मा व राम खेलावन ने बताया कि लेखपाल समय से मिलते नहीं हैं, इसलिए सत्यापन प्रभावित हो रहा है। यदि समय से सत्यापन नहीं होगा तो गेहूं बेचने में परेशानी होगी।
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी उमेश मणि त्रिपाठी ने बताया कि सत्यापन प्रक्रिया चल रही है। तीन हेक्टेयर क्षेत्रफल तक तहसीलदार, 3 से 5 हेक्टेयर तक संबंधित क्षेत्र के उपजिलाधिकारी और पांच हेक्टेयर से अधिक का सत्यापन अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व द्वारा किया जाएगा। यदि कहीं सत्यापन कार्य प्रभावित है तो किसानों की समस्या दूर कराई जाएगी।
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तहसील - पंजीकृत किसानों की संख्या
बलरामपुर - 356
- तुलसीपुर - 724
- उतरौला - 82