सादुल्लाहनगर। डेढ़ दशक पहले लाखों रुपये खर्च कर बनाई गई सब्जी मंडी अब तक चालू नहीं हो सकी है। वर्ष 2009-10 में इसके निर्माण के लिए बजट आवंटित किया गया था और भवन भी बनकर तैयार हो गया, लेकिन संचालन शुरू कराने की दिशा में कोई प्रभावी पहल नहीं हुई। इसके चलते फल और सब्जी विक्रेता आज भी सड़क की पटरियों और निजी दुकानों के सामने दुकानें लगाने को मजबूर हैं। इससे बाजार में अतिक्रमण बढ़ रहा है और राहगीरों को जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी एवं व्यापारी वाजिद, चांद, सोनू, पप्पू, झोंकने, नसीम, राजेंद्र कुमार और रामफेर का कहना है कि मंडी का निर्माण होने के बावजूद उसका संचालन शुरू नहीं होना समझ से परे है। मंडी चालू होने से विक्रेताओं को कारोबार के लिए निर्धारित स्थान मिलेगा और बाजार में अव्यवस्था कम होगी। साथ ही, ग्राहकों को भी एक ही स्थान पर फल और सब्जियां खरीदने की सुविधा मिलेगी। व्यापारियों ने संबंधित अधिकारियों से मंडी का संचालन जल्द शुरू कराने की मांग की है।
सड़क किनारे दुकानें लगने से आवागमन प्रभावित
स्थानीय लोगों ने बताया कि मुख्य चौराहे से बाजार तक कई स्थानों पर फल और सब्जियों की दुकानें सड़क किनारे लगती हैं। दुकानदार तिरपाल लगाकर और निजी दुकानों के सामने सामान रखकर कारोबार करते हैं। इससे बाजार में भीड़ बढ़ जाती है और राहगीरों, स्कूली बच्चों तथा महिलाओं को आवागमन में परेशानी होती है। कई बार जाम की स्थिति भी बन जाती है। बरसात के दिनों में दुकानदारों और ग्राहकों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
उपजिलाधिकारी उतरौला योगेंद्र शरण शाह ने बताया कि सब्जी मंडी का संचालन शुरू नहीं होने के कारणों की जांच कराई जाएगी। संबंधित अभिलेखों की पड़ताल कर स्थिति की जानकारी जुटाई जाएगी। इसके बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।