बलरामपुर के बाबा हुरमत शाह के आस्ताने पर बसंत पंचमी के अवसर पर मौजूद अकीदतमंद ।-संवाद
बलरामपुर। हिंदू-मुस्लिम एकता और आपसी भाईचारे के प्रतीक हजरत बाबा हुरमत शाह के आस्ताने पर वसंतोत्सव पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। नगर के मोहल्ला गदुरहवा स्थित आस्ताने को सरसों और गेंदे के पीले फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया गया, जिससे पूरा परिसर वसंती रंग में रंगा नजर आया।
आस्ताना कमेटी के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम के तहत सुबह से ही अकीदतमंदों और एहरामपोश वारसियों का आना-जाना लगा रहा। एहरामपोश वारसियों ने पीले फूलों से भरी गागर सिर पर रखकर आस्ताना परिसर की परिक्रमा की। इस दौरान धार्मिक अनुष्ठान, कुल शरीफ और विशेष दुआओं का आयोजन किया गया। आस्ताना कमेटी के सुपरवाइजर डॉ. तारिक अफजल सिद्दीकी और सचिव हकीम निसार वारिस ने बताया कि बाबा हुरमत शाह का आस्ताना देवा शरीफ के वारिस पाक के सिलसिले से जुड़ा हुआ है। यह आस्ताना आपसी सौहार्द का प्रतीक है, जहां सभी धर्मों के लोग अपनी नेक मुरादें लेकर आते हैं।
जुमे की नमाज के बाद स्थानीय कव्वालों ने वसंत ऋतु पर आधारित कई कलाम पेश किए। इसके बाद आस्ताना कमेटी के मोहम्मद हसन कुरेशी, अब्बास अली सिद्दीकी, समी खान, शहनाज अंसारी, अतीकुर्रहमान, असलम और गोलू सहित अन्य लोगों ने सरकार वारिस पाक का कुल शरीफ अदा कर देश में अमन-चैन और आपसी भाईचारे की दुआ मांगी।