गैजंगली जानवरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। अलग-अलग घटनाओं में जहां पचपेड़वा क्षेत्र में बाघ के हमले से 42 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई, वहीं महराजगंज तराई में तेंदुए ने किसान और एक राहगीर पर हमला कर घायल कर दिया। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
ग्रामीणों ने खोजबीन की तो घर से लगभग 700 मीटर दूर जंगल में हरिकांत यादव का शव पड़ा मिला। ग्रामीणों का कहना है कि बाघ के हमले में उनकी मौत हुई है। ग्राम प्रधान राकेश कुमार, झिनकू प्रसाद, राधेश्याम और विमल कुमार ने बताया कि इसी जंगल क्षेत्र में पहले भी पांच लोगों को बाघ निवाला बना चुका है।
महराजगंज तराई क्षेत्र में तेंदुए ने दो लोगों पर हमला कर घायल कर दिया। बनकटवा रेंज के ग्राम बनकटवा निवासी 55 वर्षीय सहजराम शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे भोजन के बाद अपने सब्जी खेत की रखवाली करने जा रहे थे।
सड़क किनारे झाड़ी में छिपे तेंदुए ने अचानक उन पर झपट्टा मार दिया, जिससे उनके सिर पर चोट आई। सहजराम के शोर मचाने पर तेंदुआ सड़क की ओर भागा। इसी दौरान महाराजगंज से बाइक से अपने घर बलदेव नगर जा रहे हलीम पर भी तेंदुए ने हमला कर दिया।
हमले में बाइक दूर जाकर गिर गई और हलीम घायल हो गए। शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तब तक तेंदुआ खेतों की ओर भाग चुका था। ग्रामीणों ने दोनों घायलों को पहले निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल भेजा गया।
तुलसीपुर रेंज के चिवटिहवा गांव के पूरब शुक्रवार की सुबह तेंदुआ दिखाई दिया है। उस समय गेहूं के खाली खेतों में ग्रामीण गाय, भैंस और बकरी चरा रहे थे। अचानक तेंदुआ दिखते ही चरवाहों में भगदड़ मच गई। ग्रामीणों ने लाठी-डंडा पटककर शोर मचाया, जिसके बाद तेंदुआ नाले की ओर झाड़ियों में चला गया।
क्षेत्र के सर्वजीत चौधरी, गोपाल, हसन मोहम्मद, जितेंद्र सिंह और अजित भारती ने बताया कि तेंदुआ करीब एक वर्ष से क्षेत्र में सक्रिय है। कई बार वन विभाग से तेंदुआ पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।