तुलसीपुर/गैसड़ी। देवीपाटन मेले से लौटते समय दो वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हो गए। चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना से मृतकों के परिजनों में चीख-पुकार मची है।
पुरानी बाजार पचपेड़वा निवासी आदिल (21), जगदीशपुर के अफरोज (20), पुरानी बाजार के हासिम मलिक (20), धमौली के नूरुद्दीन, जोड़ी कुइयां के गोलू व पुरानी बजार के जुबेर के साथ शनिवार देर रात करीब डेढ़ बजे देवी पाटन से कार से घर लौट रहे थे। तुलसीपुर थाना क्षेत्र के चयपुरवा ग्राम स्थित पेट्रोल पंप के पास तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पुलिया के पास लगे डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखचे उड़ गए। आदिल व अफरोज की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार में फंसे सभी लोगों को बाहर निकलवाया, लेकिन तब तक आदिल व अफरोज की मौत हो चुकी थी, जबकि हासिम मलिक ने जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया। अन्य घायलों में नूरुद्दीन को लखनऊ रेफर किया गया है, जबकि गोलू व जुबेर का तुलसीपुर में निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है।
उधर गैसड़ी क्षेत्र में रविवार सुबह एक अन्य हादसे में ग्राम महादेव शिवपुर निवासी मनीष कुमार सैनी (20) की मौत हो गई। वह देवीपाटन मेला देखकर अपने मामा राजकुमार सैनी निवासी बिजलीपुर (बलरामपुर) के घर लौट रहे थे। उनके साथ किशन कुमार सैनी भी बाइक पर सवार थे। बौद्ध परिपथ मार्ग पर गांगनार चकवा नाले के पास सामने से आ रहे वाहन की तेज रोशनी से मनीष चकरा गए और बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। मनीष ने हेलमेट पहन रखा था, लेकिन हादसे में उनको सीने में गंभीर चोट लगी, जबकि पीछे बैठे किशन भी घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने दोनों को संयुक्त जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान मनीष ने दम तोड़ दिया।
इकलौते बेटे की मौत से टूट गया परिवार
अफरोज की मौत की खबर सुनते ही पचपेड़वा नगर पंचायत के वार्ड नंबर पांच जगदीशपुर में मातम छा गया। बड़े चाचा जाकिर हुसैन ने बताया कि अफरोज परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी तीन बहनें हैं। पिता मुंबई में रहकर रोजी-रोटी कमाते हैं। अफरोज कुछ दिन पहले ही वह मुंबई से घर आया था। शनिवार रात दोस्तों के साथ देवीपाटन मेला देखने गया था और लौटते समय हादसे का शिकार हो गया।
घर में सबसे छोटा था आदिल
दूसरे मृतक आदिल की मौत से भी परिवार गहरे सदमे में है। बड़े भाई नदीम ने बताया कि आदिल तीन भाइयों और दो बहनों में सबसे छोटा था। वह पचपेड़वा में छोटी सी दुकान चलाकर परिवार की मदद करता था। शनिवार को वह भी दोस्तों के साथ मेला घूमने गया था। देर रात घर लौटते समय यह हादसा हो गया।
पढ़ाई कर रहा था मनीष
मृतक मनीष के पिता सुभाष चंद्र ने बताया कि मनीष अपने मामा के यहां रहकर पढ़ाई करता था। वह देवीपाटन मेला देखने घर आया था और वापस लौटते समय हादसे का शिकार हो गया। उसकी असमय मौत से घर में मातम पसरा हुआ है।