यूपी के बलरामपुर में शुक्रवार को जेएम प्रथम प्रभात कुमार दुबे ने मुकदमों की सुनवाई के दौरान पिटाई के मामले में दो दोषियों को न्यायालय उठने तक खड़े रहने की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर दो-दो हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। 22 वर्ष बाद मुकदमे में फैसला आया है।
नगर क्षेत्र के ग्राम सोनार निवासी संजार मणि गुप्त ने 09 जून 2003 को रिपोर्ट दर्ज कराई। बताया कि गांव के गंगाराम व हीरई ने पिटाई की है। गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद गंगाराम व हीरई को दोषी मानते हुए न्यायालय उठने तक खड़े रहने की सजा सुनाई। दोनों पर अर्थदंड भी लगाया है।