बलरामपुर के फुलवरिया बाईपास पर देर रात बस-ट्रक की टक्कर के बाद लगी आग का दृश्य इतना भयावह था कि मिनटों में जिंदा लोग राख बनते नजर आए और पूरा इलाका चीख-पुकार से दहल उठा।
बलरामपुर में फुलवरिया बाईपास पर मंगलवार भोर करीब 2:15 बजे हुए दर्दनाक सड़क हादसे का मंजर इतना भयावह था कि उसे देखकर मौजूद लोग भी सहम गए। ऊनी कपड़ों से लदी ट्रक की टक्कर के बाद यात्री बस विद्युत पोल से टकरा गई, जिससे ट्रक व बस में आग लग गई।
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आग लगने से बस धू-धू कर जलने लगी। मिनटों में आग ने पूरे केबिन को अपनी चपेट में ले लिया। अंधेरे में अचानक उठी लपटें और यात्रियों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। कई लोग तो हादसे वाले स्थान की तरफ दौड़ पड़े, लेकिन तेज गर्मी और भड़कती लपटों के कारण कोई पास तक नहीं जा पा रहा था।
बस के अंदर यात्री मदद के लिए चीखते-चिल्लाते रहे। कोई खिड़की तोड़ने की कोशिश कर रहा था, तो कोई सीटों में फंसा हुआ कराह रहा था। धुआं इतना घना था कि मौके पर खड़े लोगों की आंखों से पानी बहने लगा। कुछ यात्रियों ने खुद को खिड़की तोड़कर बाहर फेंका, जबकि कई अंदर फंसे रह गए। महिलाएं और बच्चे जोर-जोर से रो रहे थे। नजदीक खड़े लोग भी उस भयावह दृश्य को देखकर कांप उठे।
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बलरामपुर बस हादसा
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
हर तरफ अफरा-तफरी मची रही
स्थानीय लोगों ने जोखिम उठाकर बस के शीशे तोड़ने शुरू किए। तभी पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंच गई। काफी जद्दोजहद के बाद यात्रियों को बाहर निकाला गया। मौके पर हर तरफ अफरा-तफरी मची रही। कोई बेहोश पड़ा था, तो कोई घायल को गोद में उठाकर दौड़ रहा था। सड़क पर जले हुए सामान और टूटे हुए शीशे बिखरे थे। चीख-पुकार, सायरन की आवाज और धधकती आग ने पूरे इलाके को हिला दिया।
जब ट्रक के नीचे एक शव दबा हुआ मिला तो स्थिति और ज्यादा मार्मिक हो गई। घायल यात्रियों में नेपाल के नागरिक होने के कारण साथी यात्री रो-रोकर बदहवास हो रहे थे। कई लोग अपने परिजनों को ढूंढते हुए इधर-उधर भाग रहे थे। किसी के चेहरे पर जलन हो रहा था तो किसी के कपड़े झुलस चुके थे। फायरमैन घायलों को खींचकर बाहर लाते गए और पुलिसकर्मी उन्हें उपचार के लिए एंबुलेंस से अस्पताल भेजने में जुटे थे।
कुछ ही देर में घटना स्थल पर एंबुलेंसों की लाइन लग गई। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने तत्काल इलाज शुरू कर दिया। वहीं हादसे की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल लिया। हादसे के बाद फुलवरिया बाईपास पर घंटों हादसे की दहशत छाई रही। बस के जले हुए ढांचे से भी घंटों धुआं उठता रहा।
बलरामपुर बस हादसा
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बदहवास मां की गोद में सिमटी रही मासूम
फुलवरिया बाईपास पर मंगलवार की भोर हुए हादसे में जो बस जली उसकी एक सीट पर गुलमी नेपाल निवासी शिव बहादुर अपनी पत्नी पूर्णिमा एवं 18 माह की बेटी शिवांगी के साथ बैठे थे। बस ट्रक से टकराई तो शिव बहादुर सीट से नीचे गिर गये।
उन्होंने बताया कि पांच सेकेंड तक करंट लगने जैसा महसूस हुआ उसके बाद वह बेहोश हो गये। उन्हें कुछ पता नहीं चला। वहीं पूर्णिमा ने बताया कि घटना के बाद कुछ देर तक उन्हें भी होश नहीं था। होश आने पर महसूस हुआ कि बेटी शिवांगी गोद में सिमटी हुई है। लोगों ने बस से हम तीनों को बाहर निकाला और आनन-फानन एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। बेटी और पति सही सलामत हैं यही हमारे लिए बहुत है।
बलरामपुर बस हादसा
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चौराहे के चारों तरफ ट्रांसफार्मर व विद्युत पोल बनते हैं दुर्घटना का सबब
फुलवरिया बाइपास चौराहा के चारों तरफ सड़क के किनारे ही ट्रांसफार्मर लगा हुआ है। कुछ विद्युत पोल तो सड़क से सटे हुए हैं। ट्रांसफार्मर व विद्युत पोल सड़क किनारे होने के कारण यहां आए दिन दुर्घटना होती है।
मंगलवार की भोर में भी ट्रक से टकराने के बाद बस विद्युत पोल से टकरा गई। प्रत्यक्षदर्शी बीडी जायसवाल एवं प्रशांत मौर्य ने बताया कि विद्युत तार की चपेट में आने से बस में आग लग गई। यह तो कहो कि तार टूटने से बिजली गुल हो गई जिससे तमाम यात्रियों की जान बच गई।
बलरामपुर बस हादसा
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गाड़ी छोड़ बाइक से घटना स्थल पर पहुंचे एएसपी
फुलवरिया बाईपास पर हादसे की सूचना मिलते ही एएसपी विशाल पांडेय घर से निकल पड़े। ड्राइवर का इंतजार न करना पड़े इसके लिए वह गाड़ी को छोड़कर बाइक से ही घटना स्थल के लिए रवाना हो गए। इसी के चलते वह दस मिनट के अंदर ही घटना स्थल पर पहुंच गये। उनके पहुंचने पर पुलिस पूरी तरह हरकत में आ गई। बस में फंसे घायल यात्रियों को बाहर निकलवा कर एंबुलेंस से अस्पताल भेजवाया।
फुलवरिया बाइपास पर हुए हादसे के बाद छह दमकल व दो क्रेन के सहारे रेसक्यु किया गया। दमकल व पानी के टैंकरों से जल रही बस व ट्रक की आग को बुझाया गया। दमकल कर्मियों ने करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। दो क्रेन की मदद से बस और ट्रक को खड़ा करके उन्हें घटना स्थल से हटाया गया।