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Balrampur News: लाओस के स्कैम कंपाउंड से जुड़े दो बदमाश गिरफ्तार

Mon, 16 Feb 2026 10:49 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
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रामपरवेश सिंह(बायं), फैजान रजा(दायं)
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बलरामपुर। विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं को जाल में फंसाकर साइबर अपराध में धकेलने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश कर दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। लाओस के स्कैम कंपाउंड से मुक्त होकर लौटे तुलसीपुर के शोएब ने छह फरवरी को दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसपी विकास कुमार ने बताया कि पुलिस टीम ने मुंबई जाकर मामले की जांच की। इसके बाद सफलता मिली है।
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एसपी ने बताया कि पुलिस टीम ने 11 फरवरी को मुंबई के कांदिवली इलाके से जौनपुर के रहने वाले राम प्रवेश सिंह को गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ के बाद सोमवार को आरोपी फैजान रजा निवासी संत कबीर नगर को हरैया तिराहा मालगोदाम रोड क्रॉसिंग के पास से पकड़ा गया। जांच में सामने आया कि गिरोह से जुड़ा राम प्रवेश सिंह यू ट्यूब चैनल Faizuvlog350 के माध्यम से विदेश में डाटा एंट्री ऑपरेटर की नौकरी का झूठा विज्ञापन प्रसारित करता था।
थाईलैंड में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया जाता था। युवाओं को 60 हजार रुपये मासिक वेतन का लालच देकर मोटी रकम और दस्तावेज लिए जाते थे। इसके बाद पहले उन्हें मुंबई और फिर थाईलैंड भेजा जाता, जहां से अवैध मार्गों के जरिए लाओस पहुंचाकर तथाकथित स्कैम कंपाउंड में बेच दिया जाता था।
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शोएब ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि उन्हें ढाई लाख में स्कैम कंपाउंड में बेचा गया था। लाओस में भारतीय दूतावास की तरफ से चलाए गए अभियान में वह बचकर जनवरी 2026 में वतन लौट सके थे। बताया कि स्कैम कंपाउंड में बंधक बनाकर लोगों से ऑनलाइन निवेश और चैटिंग के जरिए साइबर ठगी कराई जाती थी। काम से मना करने पर भूखा रखकर यातनाएं दी जाती थीं। पुलिस के अनुसार इस पूरे नेटवर्क में अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी और साइबर अपराध के तत्व शामिल हैं।

गिरोह की भूमिकाएं भी आईं सामने, जांच में जुटी पुलिस

पूछताछ में खुलासा हुआ कि राम प्रवेश सिंह लाओस में रिसीविंग और समन्वय की भूमिका निभाता था। फैजान रजा भर्ती, इंटरव्यू और टिकट प्रबंधन देखता था। अन्य सहयोगियों में मकसूद व शादाब आदि हैं। कमीशन की राशि आपस में बांटी जाती थी। क्रिप्टो करेंसी से भी भुगतान लिया जाता था। दोनों आरोपी बिना किसी वैध रजिस्ट्रेशन के युवाओं को विदेश भेजने का काम कर रहे थे।
आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। एसपी ने बताया कि खुलासे में थाना तुलसीपुर, साइबर थाना, साइबर सेल व सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने अहम भूमिका निभाई। प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सिंह व उपनिरीक्षक कर्मवीर सिंह की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गिरोह की गतिविधियों को ट्रैक कर कार्रवाई की है। एसपी ने बताया कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। अन्य पीड़ितों की भी पहचान की जा रही है। इस गैंग के लोकल नेटवर्क को ध्वस्त किया जाएगा।
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