बलरामपुर। प्रशिक्षित शिक्षक नौनिहालों का भविष्य संवारेंगे। प्री-प्राइमरी व कक्षा एक के बच्चों को बेहतर तरीके से पढ़ाने की तैयारी की जा रही है। प्री-प्राइमरी व कक्षा एक के बच्चों को बेहतर ढंग से पढ़ाने के लिए दो दिवसीय स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम के तहत शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है। प्रशिक्षण पाने वाले सभी शिक्षकों को प्रमाण पत्र दिया गया है।
यह बातें बीईओ गैसड़ी कुलदीप नारायण सिंह ने बीते दिन ब्लॉक संसाधन केंद्र में दो दिवसीय स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम प्रशिक्षण के द्वितीय बैच के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कही।
उन्होने कहा कि स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम में प्रशिक्षण प्राप्त कर प्रमाण पत्र पाने वाले शिक्षकों को प्री-प्राइमरी व कक्षा एक के विद्यार्थियों को सरल अंदाज में पढ़ाना है जिससे बच्चों में पढ़ाई के प्रति रोचकता बढ़े। स्कूलों में अधिक से अधिक संख्या में बच्चों की उपस्थिति हो इसके लिए सभी शिक्षकों को बेहतर प्रयास करना होगा।
सभी स्कूलो में रेडीनेस कार्यक्रम प्राथमिकता के आधार पर शिक्षकों को लागू करना होगा जिससे प्री-प्राइमरी व कक्षा एक में बच्चों की संख्या में पर्यापत बढ़ोत्तरी हो सके। जिला समन्वयक प्रशिक्षण मोहित देव त्रिपाठी ने स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम प्रशिक्षण की उपयोगिता व उसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्री-प्राइमरी व कक्षा एक के बच्चों को पढ़ाने में प्रशिक्षित शिक्षकों को काफी मदद मिलेगी।
प्रशिक्षक राहुल श्रीवास्तव, आलोक शुक्ल, अमरेश बहादुर, रवि ज्योति मिश्र, अग्निशेखर मिश्र, महेश तिवारी, प्रदीप चौहान व संतोष कुमार ने बड़ी रोचकता के साथ शिक्षकों को प्रशिक्षित किया।
एआरपी अजीत कुमार पांडेय, सुनील त्रिपाठी, आलोक प्रताप सिंह व संतोष गुप्ता ने अपने अनुभवों को व्यक्त कर प्रशिक्षण की उपयोगिता के बारे में प्रकाश डाला। अमरनाथ पांडेय प्रशिक्षण कराने में सहयोग किया। प्रदीप सैनी, वर्षा सिंह, प्रियंका वर्मा, नीरज सिंह, आशीष पांडेय, आलोक पाल प आशीष मिश्र ने दो दिवसीय प्रशिक्षण में सत्रवार फीड बैक प्रस्तुत किया।