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72 घंटे बाद बलरामपुर-तुलसीपुर नेशनल हाईवे पर आवागमन बहाल

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बलरामपुर से तुलसीपुर नेशनल हाईवे पर 72 घंटे बाद बहाल हुए आवागमन के बाद गुजरती गाड़ियां - फोटो : BALRAMPUR
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बलरापुर। तीन दिनों की मशक्कत के बाद बलरामपुर-तुलसीपुर नेशनल हाईवे पर गुरुवार को शाम आवागमन बहाल हो गया है। तटवर्ती गांवों में नदी के कटान का कहर तेज हो गया है। जलभराव के चलते किसानों की किस्मत पर पानी फिर गया है। पानी भरने से धान, गन्ना व दहलनी फसल बर्बाद हो गई है।
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विविद हो कि बीते दिनों राप्ती में आई बाढ़ ने तटवर्ती इलाकों के कई गांवों में जमकर तबाही मचाई। कई सड़कें बाढ़ के पानी में क्षतिग्रस्त हो गई थीं। गत मंगलवार को बाढ़ के चलते बलरामपुर-तुलसीपुर नेशनल हाईवे पर आवागमन ठप हो गया था। गुरुवार को प्रशासन ने जेसीबी मशीन लगाकर बेलहा डिप पर हुई कटान को मिट्टी व गिट्टी डालकर दोपहर बाद हाईवे पर आवागमन बहाल करा दिया है।
आवागमन बहाल होने से तुलसीपुर तहसील की करीब 8 लाख आबादी अब सीधे मुख्यालय से जुड़ गई है। बाढ़ के चलते उतरौला तहसील के कई गांव अभी भी बाढ़ के पानी से घिरे है। राहत की बात यह है कि पानी तेजी से घट रहा है। पानी भर जाने के कारण किसानों के खेतों में लगी सैकड़ों एकड़ धान, गन्ना व दलहनी फसल बर्बाद हो गई।
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किसानों की लागत पर पानी फिर गया है। जलभराव के चलते बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के कई परिषदीय विद्यालय गुरुवार को भी बंद रहे। हरैया क्षेत्र के कई गांव अभी भी बाढ़ के पानी से घिरे है। लोग जान जोखिम में डालकर पानी के बीच से गुजरने को विवश है।
उतरौला तहसील क्षेत्र के बभनपुरवा गांव में राप्ती की कटान तेज हो गई है। एसडीएम एके गौड़ ने गुरुवार को गांव का दौरा कर ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है। राजस्व कर्मी गांव में कैंप कर कटान रोकने में लगे है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासनिक उपेक्षा के चलते गांव के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडरा रहे है।
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