गैसड़ी (बलरामपुर)। साेहेलवा वन्य जीव प्रभाग के भांभर रेंज की ग्रामसभा ठुडवलिया में बाघ दिखाई देने का दावा ग्रामीणों ने किया है। एक महीने पहले भी बाघ के गांव में आने की सूचना वन विभाग को दी गई थी। डीएफओ डॉ. एम. सेम्मारन ने बाघ दिखाई देने की बात से इन्कार किया। कहा कि ग्रामीणों को भ्रम हो गया है।
उन्होंने माना कि सोहेलवा जंगल में बाघ है, लेकिन आबादी की तरफ आने की स्थितियों से इन्कार किया। कहा कि एक महीने पहले भी सूचना मिली थी, जिसकी जांच कराई गई लेकिन बाघ के जंगल से बाहर आने की पुष्टि नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि जंगल का तटवर्ती गांव हैं तो तेंदुआ आ सकता है, ग्रामीणों को सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि तेंदुए की तलाश के लिए वन विभाग की टीम मुस्तैद है।
वहीं ठुडवलिया गांव के ग्राम प्रधान स्वयंवर निषाद, अरुण, विजय प्रकाश, नूर हसन आदि ने बताया कि शुक्रवार की शाम करीब पांच बजे गांव के निकट समय माता स्थान पर बाघ दिखाई पड़ा है। बताया कि बीते एक महीने पूर्व भी बाघ गांव में आया था। शोर मचाने पर भाग गया था। शुक्रवार को फिर वह गांव के बाहर देखा गया। शोर मचाने पर बाघ जंगल की ओर भाग गया। भांभर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी डीपी सिंह ने बताया कि ग्रामीणों ने बाघ आने की सूचना दी थी। लोगों को सतर्क किया गया है। जांच की गई है, लेकिन बाघ के पदचिह्न नहीं मिले हैं।
2023 में ट्रैपिंग कैमरे में दिखे थे तीन बाघ
सोहेलवा जंगल में बाघ का पता लगाने के लिए वर्ष 2023 में 400 ट्रैपिंग कैमरे लगाए थे। एक महीने तक कैमरे लगे रहे, इसके बाद कैमरों की जांच हुई, जिसमें तीन बाघ दिखाई पड़े थे। इसकी रिपोर्ट भी शासन को भेजी गई थी। सोहेलवा जंगल को टाइगर रिजर्व घोषित करने का प्रस्ताव भी तैयार हुआ है। इसके साथ ही दिसंबर 2024 में भी सोहेलवा जंगल के बनकटवा रेंज में बाघ के पगचिह्न मिले थे।