तुलसीपुर के चैनपुर में घटना के बाद जुटे ग्रामीण। स्रोत ग्रामीण।
जरवा। सोहेलवा वन्य जीव प्रभाग की तुलसीपुर रेंज में बाघ की दहशत बरकरार है। बृहस्पतिवार शाम करीब पांच बजे चैनपुर गांव में कंपोजिट विद्यालय के पास बाघ ने हमला कर करीब 26 किलोग्राम के बकरे को दबोच लिया। बाघ बकरे को घसीटकर गन्ने के खेत में ले गया। ग्रामीणों ने लाठी-डंडों के साथ उसका पीछा किया तो बाघ शिकार छोड़कर खेत में भाग गया। हालांकि, तब तक बकरे की मौत हो चुकी थी। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है।
ग्राम प्रशासक अरशद खान ने घटना की सूचना वन विभाग को दी। उन्होंने बताया कि मंगल प्रसाद प्रजापति की मां बड़का और पड़ोसी साधु स्कूल के पास बकरियां चरा रहे थे। इसी दौरान गन्ने के खेत में घात लगाए बैठे बाघ ने अचानक हमला कर एक बकरे को दबोच लिया।
बाघ के बकरे को खेत की ओर ले जाने पर शोर मचाया गया। आवाज सुनकर वसीउल्ला, अब्दुल माजिद, गुलफाम, नासिर, रईस अहमद, कमरूल हसन और रुस्तम समेत दर्जनों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने लाठी-डंडे लेकर बाघ का पीछा किया। लोगों का दबाव बढ़ने पर बाघ बकरे को छोड़कर गन्ने के खेत में भाग गया।
ग्रामीणों ने वन विभाग से बाघ को जल्द पकड़ने और गांव में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कराने की मांग की है। रेंजर अमरजीत प्रसाद ने बताया कि वन विभाग की टीम को मौके पर भेज दिया गया है। ग्रामीणों को सतर्क रहने और अकेले खेतों की ओर न जाने की सलाह दी गई है।