बलरामपुर। विशेष सत्र न्यायाधीश एससी/एसटी विनोद कुमार पंचम ने दलित उत्पीड़न के मामले में अभियुक्त को तीन वर्ष के कठोर कारावास व छह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी रणधीर सिंह ने बताया कि 18 जनवरी 2012 को न्यायालय के आदेश पर थाना पचपेड़वा में मुकदमा दर्ज हुआ था। पीड़ित महिला ने आरोप लगाया था कि एक जनवरी 2012 की शाम को ग्राम गणेशपुर निवासी राधेश्याम घर में घुस आया और जातिसूचक गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सत्र परीक्षण के बाद दौरान सरकारी अधिवक्ता ने सात गवाह न्यायालय में प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने व पत्रावली के अवलोकन के बाद न्यायाधीश विनोद कुमार पंचम ने राधेश्याम को दलित को जातिसूचक गालियां देने व जान से मारने की धमकी देने का दोषी मानते हुए तीन वर्ष के कठोर कारावास व छह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।