बलरामपुर। केंद्रीय बजट से जिले में विकास को तो रफ्तार मिलेगी ही स्वास्थ्य एवं शिक्षा में बड़े बदलाव दिखेंगे। 12 लाख तक की आय करमुक्त होने से सरकारी कर्मचारियों के साथ ही मध्यम वर्ग के चेहरे पर खुशी है। कुपोषण के खिलाफ जिले में लड़ी जा रही जंग तेज होगी। महिलाओं और युवाओं को रोजगार के अवसर मिले ही हैं। केसीसी की ऋण सीमा बढ़ने से किसानों में उत्साह है। विद्यालयों के साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को इंटरनेट की सुविधा से लैस किया जाना है।
जिले में 2,300 कुपोषित बच्चों के साथ ही 25 हजार किशोरियों और 14 हजार गर्भवती महिलाओं को पोषण की सुविधा मिलेगी। अभियान पहले से चल रहा है। नई व्यवस्था से नियमित पोषण सामग्री का वितरण होने की उम्मीद है। बजट में जिले में गंभीर रोग कैंसर से निजात की सुविधा के लिए डे-केयर कैंसर सेंटर स्थापित होना तय हो गया है। आकांक्षी जिला होने से पहले चरण में ही जिले में सेंटर खुलना है। इसके अलावा उड़ान योजना में श्रावस्ती एयरपोर्ट को शामिल किया गया है। जिसका विस्तार जिले के बगाही और एलहवा गांवों तक अब जल्द हो जाएगा। इसके लिए 40.05 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत हो चुकी है। योजना लागू होने से जिले को भी एयरपोर्ट की सुविधा मिलेगी।
किसानों के लिए अहम है आगामी वित्तीय वर्ष
जिले में वैसे तो 3.20 लाख किसान हैं, जो धान, गेहूं और गन्ने की खेती करते हैं। बजट में ब्लॉक स्तर पर भंडारण की व्यवस्था होने से किसानों को राहत मिलेगी। दलहन के लिए योजना शुरू हुई, जिले में एक उत्पाद एक फसल में मसूर शामिल है। करीब 36 हजार किसानाें को इस योजना का लाभ मिलेगा। केसीसी ऋण सीमा बढ़ने से 80,890 किसानों को बैंक के माध्यम से ऋण आसानी से मिल सकेगा। इसके लिए किसी कागजात की जरूरत नहीं होगी। जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने बताया कि बजट की घोषणा से किसानों को अधिक कर्ज की सुविधा मिलेगी। इसी तरह 1.19 लाख पशुपालकों और 3,035 मत्स्य पालकों को व्यवसाय बढ़ाने के लिए सुविधाएं मिलेंगी।
युवाओं व महिलाओं के सपनों को मिलेगी उड़ान
महिलाओं को रोजगार के लिए अब और सहूलियत मिलेगी। 1.76 हजार महिलाओं के 11 हजार स्वयं सहायता समूहों की गतिविधियों को मुकाम मिल सकेगा। अब ग्राम संगठन के माध्यम से महिलाओं को सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योग स्थापित करने के लिए सुविधा मिलेगी। उपायुक्त स्वत: रोजगार मंजू त्रिवेदी ने कहा, महिलाओं के लिए अहम फैसले हुए हैं। इसी तरह अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों को रोजगार के लिए मदद मिलेगी। थारू क्षेत्र की 46 ग्राम पंचायतों में रहने वाले 55 हजार से अधिक परिवारों अपने परंपरागत कार्य को उद्योग के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी। जिले में करीब 11 हजार युवा रोजगार के लिए प्रयास कर रहे हैं। उनकी उम्मीदें भी स्टार्टअप और सूक्ष्म एवं लघु उद्योग का दायरा बढ़ाने हिलोरें मार रहीं हैं। उपायुक्त उद्योग राजेश पांडेय ने बताया कि लघु उद्योग स्थापित करने के लिए अब अधिक सहूलियत मिलेगी।
विद्यालय व स्वास्थ्य केंद्र होंगे हाईटेक
इंटरनेट कनेक्टिविटी से विद्यालयों और स्वास्थ्य केंद्रों को जोड़ने की पहल काफी कारगर होगी। जिले के 1,815 परिषदीय विद्यालयों व 169 माध्यमिक विद्यालयों को इंटरनेट से लैस करके स्मार्ट क्लास संचालित किया जाएगा। करीब तीन लाख विद्यार्थियों को बेहतर तरीके से शिक्षा की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही 25 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में इंटरनेट की सुविधा होने से व्यवस्था बेहतर होगी।