-बलरामपुर के सीएचसी तुलसीपुर में लगी मरीजों की भीड़ ।
तुलसीपुर (बलरामपुर)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तुलसीपुर में चिकित्सकों की कमी मरीजों पर भारी पड़ रही है। महिला चिकित्सक की तैनाती न होने के कारण महिलाओं को इलाज के लिए भटकना पड़ता है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की भी कमी के चलते यहां से अधिकांश मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। क्षेत्रवासियों ने अस्पताल में महिला चिकित्सक के साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती किये जाने की मांग मुख्यमंत्री से की है।
146 बेड वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तुलसीपुर में एक स्थायी और एक संविदा चिकित्सक की तैनाती है। तराई क्षेत्र होने के कारण यहां करीब 20 किमी के दायरे से मरीज इलाज के लिए आते हैं, लेकिन सुविधाओं के अभाव में उन्हें समुचित इलाज की सुविधा नहीं मिल पाती है। सबसे अधिक समस्या महिला मरीजों को होती है। पहले यहां दो महिला चिकित्सक तैनात थीं, लेकिन दो साल पहले ट्रांसफर के बाद से दोनों पद रिक्त हैं।
महिला चिकित्सक की तैनाती न होने से गर्भवती और अन्य महिला मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ता है। शकुंतला देवी, अंजली सिंह, रितु तिवारी व वैजंती ने बताया कि अस्पताल पहुंचने के बाद भी महिला डॉक्टर न मिलने से उन्हें निराश होकर निजी अस्पताल जाना पड़ता है। वहीं, रमाशंकर, आशीष कुमार पांडेय, अजय कुमार, आलोक गुप्त और संजय अग्रवाल ने बताया कि यहां सर्जन की तैनाती न होने से दुर्घटना वाले मरीजों को बाहर रेफर कर दिया जाता है। इन लोगों ने मुख्यमंत्री से अस्पताल में महिला चिकित्सक के साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती किए जाने की मांग की है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तुलसीपुर के अधीक्षक डॉ. विकल्प मिश्र ने बताया कि मरीजों का बेहतर इलाज हो इसका पूरा प्रयास किया जा रहा है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है।