बलरामपुर। जिले में ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बुधवार को सुबह घना कोहरा होने से वाहन रेंगते नजर आए। दिनभर धूप न निकलने से गलन बढ़ गई। पूरा दिन लोग ठंड से ठिठुरते रहे। सर्दी बढ़ने के साथ अस्पताल की ओपीडी में सांस के मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
जिले में बुधवार को अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री सेल्सियस रहा। कड़ाके की ठंड के चलते शरीर में कंपकंपी, हाथ-पैरों में सुन्नता और सर्दी-खांसी जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। अस्पतालाें की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के लिए यह मौसम अधिक कष्टदायक साबित हो रहा है। चिकित्सक भी इस दौरान सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं और गर्म कपड़े पहनने, गरम भोजन करने तथा ठंड से बचाव पर जोर दे रहे हैं।
सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने बताया कि पहले जहां हर रोज 30 से 40 सांस के मरीज अस्पताल पहुंचते थे वहीं मौसम बदलने के कारण अब प्रतिदिन 100 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं।
सरसों व सब्जी की फसल को नुकसान का अंदेशा
ग्रामीण इलाकों में कोहरे और गलन का असर खेती पर भी दिखाई दे रहा है। पाला पड़ने से फसलों को नुकसान होने के डर से किसानों की चिंता बढ़ी हुई है। जिले के प्रगतिशील किसान गोपाल सिंह, मेहताब, शरीफ, करन सिंह, पिंटू मिश्रा, राधेश्याम व कृष्ण कुमार आदि ने बताया कि पाले से सब्जियों और सरसों की फसलों को नुकसान पहुंचने का डर सता रहा है। कृषि वैज्ञानिक डाॅ. सियाराम कनौजिया ने बताया कि किसान रात के समय खेतों में सिंचाई या धुआं करके फसलों को पाले से बचाने का प्रयास करें।
अभी और बढ़ेगी ठंड
आने वाले दिनों में ठंड और कोहरा और बढ़ेगा। मौसम दिन में साफ रहेगा लेकिन गलन बरकरार रहेगी। ऐसे में लोग सतर्क रहें। स्वास्थ्य का ध्यान रखें और मौसम के अनुरूप अपनी दिनचर्या को ढालें, ताकि सर्द मौसम के प्रभाव को कम किया जा सके।
- अरुण कुमार सिंह, आपदा विशेषज्ञ