गोंडा। देवीपाटन जोन में बिजली बिल राहत योजना के क्रियान्वयन में हुई गड़बड़ी पर विभाग सख्त हो गया है। योजना के लाभ में बाधा डालने और उपभोक्ताओं को भ्रमित करने में संलिप्त मिले चार संविदा कर्मियों की सेवा समाप्त करने की संस्तुति की गई है। लापरवाही बरतने पर एक्सईएन, एसडीओ और जेई को नोटिस जारी किया गया है। इनके खिलाफ विभागीय स्तर पर कठोर कार्रवाई की तैयारी है।
मुख्य अभियंता देवीपाटन जोन यदुनाथ यथार्थ ने बताया कि शुक्रवार को जोन में 4,075 उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराते हुए 2.95 करोड़ रुपये, जबकि अब तक 30,633 उपभोक्ताओं ने 15.47 करोड़ रुपये जमा किए हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में उपभोक्ता सीएचसी संचालकों और विद्युत सखियों के माध्यम से बिल भुगतान कर राहत ले रहे हैं।
समीक्षा के दौरान पता चला कि मनकापुर, नवाबगंज और बहराइच में नियुक्त कुछ संविदा कर्मी उपभोक्ताओं को बिल जमा न करने के लिए प्रेरित कर रहे थे। नोटिस मिलने के बाद भी उनके व्यवहार में सुधार नहीं हुआ। इस पर उनके विरुद्ध सेवा समाप्ति की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा लापरवाही बरतने और खराब प्रगति के मामलों में आठ जेई, चार एसडीओ और दो एक्सईएन को नोटिस जारी किया गया है।