गोंडा। जिले की ग्राम पंचायतों में कराए गए कार्यों में करोड़ों रुपये का घपला किया गया। पंचायतों के कार्यों के ऑडिट के दौरान प्रधान व सचिव कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके। इसको लेकर अब प्रशासन सख्त हो गया है। 33 सचिवों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब देने को कहा गया है। जवाब न मिलने पर रिकवरी की कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।
अधिकारियों ने बताया कि बभनजोत, छपिया, करनैलगंज, तरबगंज, झंझरी, रुपईडीह, मुजेहना, कटरा बाजार, परसपुर, इटियाथोक, पंडरीकृपाल, मनकापुर और वजीरगंज ब्लॉक की पंचायतों में बड़े पैमाने पर काम कराए गए। इस पर सरकारी पैसे को जमकर खर्च किया गया। मगर जब जांच के लिए ऑडिट टीम पहुंची तो संबंधित पंचायत के सचिव व प्रधान कोई अभिलेख नहीं उपलब्ध करा सके।
वर्ष 2022-23 में 5.58 करोड़ रुपये से कराए गए कार्यों में वित्तीय अनियमितता के आरोप में 33 पंचायतों के सचिव घेेरे में आ गए हैं। डीपीआरओ लालजी दूबे ने बताया कि एक सप्ताह में संबंधित 33 सचिवों से जवाब मांगा गया है। जवाब न मिलने पर संबंधित पंचायत के प्रधान व सचिव दोषी माने जाएंगे। इसके बाद संबंधित के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सरकारी पैसे की वसूली की जाएगी।
इन पंचायतों में गड़बड़ी की आशंका... नहीं दिए रिकॉर्ड
अधिकारियों ने बताया कि अगया बुुजुर्ग, बकसरिया ग्रंट, बीरपुर, कादीपुर, करुवा, पिपरी, अकबरपुर, कुंदरखा, पंचरुखी मनोहरजोत, पूरेसिधारी, कटुआ नाला, रायपुर फकीर, माधोपुर, धनुही, पूरे पहाड़ा, दुल्हमपुर, पृथ्वीपालगंज ग्रंट, मध्यनगर, श्रीनगर, बरडीहा, सिंघवापुर, सिसई बहलोपुर, तुर्कीडीह, मलारी, उकरा, तुलसीपुर कोड़री, कपिसा, सोठिया, गडरही, बखरवा, तुर्कीडीहा, गणेशपुरग्रंट और चंदा आदि पंचायतें शामिल है।
कहीं 10 तो कहीं 15 लाख का नहीं मिला हिसाब
घपले में कहीं 10 तो कहीं 15 लाख रुपये मनमाने तरीके से खर्च किए गए। इस दौरान तरह से जिले में बड़े पैमाने पर घोटाले की आशंका जताई जा रही है। इन पंचायतों में तैनात रहे पूर्व व वर्तमान के साथ ही दूसरे जनपद में स्थानांतरित सचिवों को नोटिस जारी किया गया है। साथ ही निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए हैं।