बलरामपुर। परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को सात वर्ष बाद जिले के अंदर स्थानांतरण का मौका मिला है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन 24 से 26 जून तक करना है। तीन दिन में ही शिक्षकों को आवेदन की प्रक्रिया पूरी करनी है। स्थानांतरण का मौका भी इतनी शर्तों के साथ दिया गया है कि शिक्षक परेशान हैं।
नाम तो तो जिले के भीतर स्थानांतरण का है, लेकिन पूरी प्रक्रिया समायोजन जैसी है। बस फर्क इतना है कि यह समायोजन शिक्षकों के आवेदन पर हो रहा है। पूर्व में जिला स्तरीय समिति ही प्रक्रिया पूरी करती थी। छात्र संख्या के आधार पर जरूरत से अधिक शिक्षकों को चिह्नित कर उनका स्थानांतरण ऐसे विद्यालय में होता रहा है, जहां शिक्षकों की कमी है।
शिक्षकों को ऑनलाइन आवेदन करने के बाद उसकी छायाप्रति बीएसए कार्यालय में 27 जून तक शिक्षकों को जमा करनी होगी। साॅफ्टवेयर के माध्यम से स्थानांतरण सूची निर्गत करने व कार्यमुक्त 30 जून को किया जाएगा। जिस तरह स्थानांतरण की प्रक्रिया की जा रही है, उससे शिक्षकों को समझ में नहीं आ रहा है कि वह आवेदन करें या न करें। लंबे समय से विद्यालय से स्थानांतरण की उम्मीद थी, लेकिन स्थानांतरण की शर्त से वह निर्णय नहीं ले पा रहे हैं। शिक्षक विमल ने कहा कि यह स्थानांतरण कहां है, इस तरह तो समायोजन ही होता रहा है। स्थानांतरण का मतलब कोई विद्यालय बंद और एकल न होने पाए और शिक्षकों को स्थानांतरण का मौका मिले। शिक्षक संघ के प्रांतीय नेता विनय तिवारी ने कहा कि शिक्षकों के स्थानांतरण की सुविधा में विभाग अनावश्यक शर्त लगाकर केवल खानापूर्ति कर रहा है। इससे दूरस्थ विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को मौका ही नहीं मिल सकेगा।
ऐसे पूरी होगी स्थानांतरण की प्रक्रिया
विद्यालय में आवश्यकता से अधिक कार्यरत शिक्षक स्वेच्छा से अध्यापक की आवश्यकता वाले अधिकतम 10 विद्यालयों का विकल्प दे सकेंगे। पोर्टल पर प्रदर्शित विद्यालयों में से कम से कम एक विकल्प दिया जाना अनिवार्य होगा। विकल्प नहीं भरने वालों का आवेदन स्वतः निरस्त माना जाएगा। इसमें शिक्षक-छात्र का अनुपात मानक के अनुरूप रहने तक स्थानांतरण किए जाएंगे। बीएसए शुभम शुक्ल ने बताया कि सॉफ्टवेयर के माध्यम से वरिष्ठता (जनपद में कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से) के आधार पर वरीयता क्रम में शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी की जानी है।