बलरामपुर। पंचायतों में अधिकारियों के बीच बढ़ती खींचतान का सीधा असर अब विकास कार्यों पर पड़ने लगा है। कई पंचायतों में विकास की रफ्तार थम गई है। ग्राम प्रधानों ने जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी के नाम पर वसूली के आरोप लगाए हैं। डीएम ने इस मामले की जांच शुरू कराई। जिसके बाद भाजपा के पूर्व विधायक शैलेश सिंह शैलू प्रधानों के समर्थन में सामने आ गए। मंगलवार को वे लखनऊ रवाना हुए और मुख्यमंत्री से मिलकर शिकायत करने की तैयारी में हैं। इसके लिए उन्होंने सीएम से मिलने का समय मांगा है।
प्रशासन ने किसी भी तरह की वसूली के आरोपों से इनकार किया है और प्रधानों के विरोध को पंचायत कार्यों की जांच की प्रतिक्रिया बताया है। हालांकि, एडीएम द्वारा कई प्रधानों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं, लेकिन प्रधान अपनी बात पर अडिग हैं। प्रधान संगठन के अध्यक्ष गुलजारी लाल शुक्ल ने कहा कि अब प्रधान डरने वाले नहीं हैं और उन्हें भरोसा है कि पूर्व विधायक मुख्यमंत्री तक उनकी बात पहुंचाएंगे और न्याय दिलाएंगे। वहीं, हालात ऐसे हो गए हैं कि प्रधान अब विकास कार्यों से पीछे हटने लगे हैं। पचपेड़वा ब्लॉक सहित अन्य क्षेत्रों में कई प्रधानों ने फिलहाल काम न करने का मन बना लिया है। वहीं मामले में भाजपा के पूर्व विधायक शैलेश सिंह शैलू ने कहा कि भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिस तरह प्रधानों से वसूली की जा रही है, वह बेहद चिंताजनक है। मुख्यमंत्री से मिलकर पूरा मामला रखूंगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करूंगा।
विकास पर पड़ेगा असर
सेवानिवृत्त एडीओ पंचायत आरपी शुक्ल का कहना है कि वर्तमान स्थिति में किसी एक पक्ष को आगे बढ़कर समाधान निकालना चाहिए। यदि विवाद यूं ही चलता रहा, तो ग्रामीण स्तर पर जरूरी कार्य अधूरे रह जाएंगे।