गौरा चौराहा (बलरामपुर)। साेहेलवा वन क्षेत्र के तटवर्ती गांवों में एक बार फिर तेंदुए की आमद ने दहशत बढ़ा दी है। बीते एक सप्ताह से तेंदुआ जंगल से बाहर नहीं आ रहा था। मंगलवार को अचानक तेंदुए की सक्रियता से कई गांवों के लोग सहमे रहे। धोबहा त्रिलोकपुर पंचायक के हज्जीडीह गांव में मंगलवार को सुबह खेतों में चरने गए मवेशियों को तेंदुए ने दौड़ा लिया। मौके पर मौजूद चरवाहों ने तेंदुए को खदेड़ दिया। तेंदुआ किसी मवेशी को अपना शिकार नहीं बना सका।
गांव के मो. इरफान, शफीक, जावेद, गनी, राजाराम ने बताया कि रोज कि तरह मंगलवार को वे अपने मवेशियों को खेतों में चराने ले गए थे। तभी बगल में बह रही बूढ़ी राप्ती नदी के किनारे उगीं झाड़ियों से तेंदुआ निकलकर मवेशियाें पर झपट पड़ा, इससे चिल्लाते हुए मवेशी इधर-उधर भागने लगे। शोर सुनकर ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से तेंदुए को खदेड़ दिया। इस दौरान कई ग्रामीण एकत्र हो गए। इससे तेंदुआ फिर झाड़ियों की ओर भाग गया।
ग्रामीणों ने बताया कि तेंदुए की खोज की गई, लेकिन वह जंगल में घुस गया। ग्रामीणों ने तेंदुआ की समस्या से निजात दिलाने की मांग प्रशासन से की है। उप प्रभागीय वनाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि गर्मी के कारण तेंदुआ बाहर आया होगा, गांव के लोगों को सतर्क किया जा रहा है। साथ ही क्षेत्र की रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही पिंजरा लगाए जाने की कार्रवाई की जाएगी।