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एसटीएफ की रडार पर हैं पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष के हत्यारे

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बलरामपुर के तुलसीपुर में पूर्व अध्यक्ष के घर बेटे व अन्य परिजनों को सांत्वना देते सांसद कैसरगंज ? - फोटो : BALRAMPUR
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बलरामपुर। तुलसीपुर नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष फिरोज अहमद उर्फ पप्पू के हत्यारे एसटीएफ के रडार पर हैं। एसटीएफ सहित पुलिस की नौ टीमें हत्यारों की तलाश में दिनरात जुटी हुई हैं। 72 घंटे बाद भी पुलिस हत्यारों का कोई सुराग नहीं लगा सकी है। पुलिस की रडार पर भाड़े के हत्यारों समेत कई लोग हैं। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही घटना का पर्दाफाश कर हत्यारों को बेनकाब किया जाएगा।
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विदित हो कि गत मंगलवार की रात तुलसीपुर नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष फिरोज अहमद उर्फ पप्पू की रात 10.20 बजे उनके आवास के पास ही अज्ञात हत्यारों ने गला रेतकर मौत के घाट उतार दिया था। अध्यक्ष के भाई की तहरीर पर पुलिस ने दो अज्ञात बदमाशों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है।
मामले के खुलासे के लिए एसटीएफ के साथ-साथ पुलिस की नौ टीमें लगाई गई हैं। घटना स्थल के आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के साथ-साथ पुलिस सर्विलांस का भी पूरा सहारा ले रही है।
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हत्यारे स्थानीय थे या कहीं से भाड़े से बुलाए गए थे इस बात की भी गहनता से छानबीन की जा रही है। अब तक करीब एक दर्जन लोगों को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर चुकी है। इन सारी माथा-पच्ची के बाद भी अभी तक हत्यारों का सुराग नहीं लग सका है।
एसपी हेमंत कुटियाल ने बताया कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की एसटीएफ तथा पुलिस गहनता से छानबीन कर रही है। शीघ्र ही घटना का खुलासा कर दोषियों को बेनकाब किया जाएगा। संवाद
करीब दो माह पहले पूर्व अध्यक्ष फिरोज अहमद उर्फ पप्पू ने सपा का दामन थाम लिया था। उनके सपा में आने से कई कयास लगाए जा रहे थे। पूर्व अध्यक्ष सपा से विधानसभा चुनाव की तैयारी भी कर रहे थे। उनकी लोकप्रियता को देखते हुए कई तरह के कयास भी लगने शुरू हो गए थे। उनकी हत्या से किसे कितना राजनीतिक नफा नुकसान हो सकता है इस तरह की चर्चा भी क्षेत्र में चल रही है।
जिस स्थान पर पूर्व अध्यक्ष की हत्या हुई उसके सामने दीवार पर चाक से लिखे शब्द डू नाट फायर व मौत आदि की गुत्थी भी अभी नहीं सुलझ सकी है। यह शब्द दीवार पर किसने और क्यों लिखा या फिर यह किसी बच्चे की शरारत संयोग बन गई है। यह सारे सवाल अभी भी अनुत्तरित हैं।
बताया जा रहा है कि जिस जगह पर यह घटना हुई वहीं पर नगर पंचायत की स्ट्रीट लाइट लगी थी। घटना के करीब 10 दिन पूर्व खराब स्ट्रीट लाइट को पूर्व अध्यक्ष ने खुद ठीक कराया था। घटना की शाम भी यह लाइट जल रही थी। घटना से कुछ देर पूर्व यह लाइट कैसे बुझ गई यह बात लोगों के समझ में नहीं आ रही है। अगर यह लाइटें जल रही होती तो सीसीटीवी कैमरों में बदमाशों की फोटो साफ आ सकती थी।
पूर्व अध्यक्ष की हत्या के अन्य कारणों पर भी गौर करने की जरूरत है। इस हत्याकांड को केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से देखा जाना उचित नहीं होगा। हलांकि पुलिस का कहना है कि वह घटना से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से जांच करते हुए आगे बढ़ रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि घटना के अनावरण में हत्या के पीछे किस तरह के कारण और कौन लोग शामिल हैं।
शुक्रवार को राष्ट्रीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष और कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह तथा राज्यमंत्री पल्टूराम ने पूर्व अध्यक्ष के घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की। सांसद व मंत्री ने उनके भाई अफरोज तथा बेटे अदनान दोस्त मुशीर पप्पू से बातचीत की।
भाई तथा बेटे ने सांसद से लिपटकर रोते हुए अध्यक्ष के हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी किए जाने की मांग की। सांसद ने कहा कि दुख की इस घड़ी में वह परिवार के साथ हैं। उन्होंने परिजनों को भरोसा दिलाया कि हत्या के राजफाश में पुलिस पूरा प्रयास कर रही है। इस संबंध में उनकी पुलिस अधिकारियों से वार्ता भी हुई है। शीघ्र ही हत्यारे सलाखों के पीछे होंगे। सपा के राष्ट्रीय सचिव लड्डन बाबू ने भी पूर्व अध्यक्ष के घर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया।
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