बलरामपुर। सरकार गौस-ए-आजम की याद में 23 सितंबर की रात नगर में जुलूसे गौसिया निकाला जाएगा। उलमा की अगुवाई में निकलने वाले जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल होंगे। जुलूस की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में गैर-मजहबी नारे नहीं लगाने और शस्त्र प्रदर्शन नहीं करने पर सहमति बनी।
बृहस्पतिवार देर रात मोहल्ला पूर्णिया तालाब स्थित काजी-ए-शहर मौलाना सैय्यद अहमद रजा कादरी के आवास पर जुलूस की तैयारियों को लेकर बैठक हुई। कारी इकरार अहमद बरकती ने कुरान की तिलावत से बैठक की शुरुआत की।
मौलाना मोहम्मद उमर ने बताया कि इस्लामी महीने रबी-उल-आखिर की 11 तारीख को सरकार गौस-ए-पाक की याद में जुलूसे गौसिया निकाला जाता है। मौलाना अब्दुल वहाब और मौलाना शब्बीर अहमद ने कहा कि गौस-ए-पाक ने भाईचारे और जरूरतमंदों की मदद का संदेश दिया। उन्होंने जुलूस में शामिल होने वालों से इस्लामी लिबास में आने और रास्ते भर नात, मनकबत व दरूद शरीफ पढ़ने की अपील की।
मौलाना अमान हसन और मौलाना शाहिद ने बताया कि जुलूस 23 सितंबर की रात इशा की नमाज के बाद मोहल्ला नौशहरा स्थित बड़ी ईदगाह से शुरू होगा। यहां से वीर विनय चौराहा, चौक, बड़ापुल, कालिया मस्जिद, गर्ल्स कॉलेज चौराहा, पानी टंकी और मजीद मोड़ होते हुए सराय फाटक पहुंचेगा, जहां इसका समापन होगा।
बैठक का संचालन मौलाना नूर अहमद कादरी ने किया। इस दौरान मौलाना जैनुलआबदीन, कारी शकील, मौलाना इस्लामुल कादरी, मौलाना रईस, कारी अब्दुल रशीद, मौलाना मेराज, मौलाना कासिम अख्तर, मास्टर मोहम्मद हसन, हकीम निसार वारिस और हाजी शाहिद महमूद मौजूद रहे।