बलरामपुर में स्थित डीआईओएस कार्यालय।-संवाद
बलरामपुर। आपातकालीन स्थिति में पुलिस व अन्य विभागों की सहायता प्राप्त करने के लिए शासन की तरफ से हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। इन हेल्पलाइन नंबरों को जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों के मुख्य गेट पर लिखवाना अनिवार्य किया गया है। हेल्पलाइन नंबर लिखवाने में लापरवाही बरतने वाले प्रधानाध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
जिले में 170 इंटर कॉलेज संचालित हैं, जिसमें 12 सीबीएसई, दो आईसीएससी, छह जीआईसी, तीन संस्कृत बोर्ड, 19 सहायता प्राप्त एवं 128 मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय शामिल हैं। इसके अलावा जिले में 23 हाईस्कूल का भी संचालन किया जा रहा है। सड़क सुरक्षा कार्यक्रम के तहत सभी माध्यमिक स्कूलों के मुख्य गेट के पास दीवार पर मोटे-मोटे अक्षरों में शासन की प्रमुख हेल्पलाइन नंबरों को लिखा जाना है। वूमेन पावर लाइन-1090, पुलिस आपातकालीन सेवा-112, एंबुलेंस सेवा-108, चाइल्ड हेल्पलाइन-1098, स्वास्थ्य सेवा-102, महिला हेल्पलाइन-181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 एवं साइबर हेल्पलाइन-1930 के साथ प्रशासनिक, विभागीय व पुलिस अधिकारियों का मोबाइल नंबर अंकित करना है। हेल्पलाइन नंबर लिखा होने पर आपातकालीन स्थिति में विद्यार्थी व शिक्षक इन पर काल करके सहायता प्राप्त कर सकेंगे।
प्रार्थना सभा में भी किया जाएगा जागरूक
जिला विद्यालय निरीक्षक मृदुला आनंद ने बताया कि आपातकालीन सेवा एवं हेल्पलाइन नंबरों को विद्यालय के मुख्य द्वार पर लिखवाने का निर्देश सभी प्रधानाध्यापकों को दिया गया है। इसके अलावा प्रार्थना सभा में भी विद्यार्थियों को हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देने को कहा गया है। साथ ही छात्र-छात्राओं को इन नंबरों का उपयोग करने के लिए नियमित रूप से जागरूक करने का भी निर्देश दिया गया है। निरीक्षण के समय हेल्पलाइन नंबर मुख्य द्वार पर अंकित न होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।