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बारिश से बदहाल सड़कों व पुलों का हाल बदहाल

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बलरामपुर के महराजगंज तराई क्षेत्र में नाले की बाढ़ में बहा शांतिनगर-मैटहवा मार्ग। - फोटो : BALRAMPUR
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बलरामपुुर। बारिश तथा पहाड़ी नालों व राप्ती नदी की बाढ़ ने जिले में दर्जनों सड़कों और पुलों का हाल बेहाल कर दिया है। विभाग ने इन सड़कों व पुलों की मरम्मत के लिए मांग ने पर भी अभी तक बजट नहीं दिया है।
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बदहाल सड़कों तथा पुलों से होकर आवागमन करने वालों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। संभावना यह जताई जा रही है कि आगामी विधान सभा चुनाव में नेताजी को भी वोट के लिए इन्हीं सड़कों में हिचकोले खाने पड़ेंगे। अमर उजाला की पड़ताल में यह नजर आया कि इनमें से तमाम सड़कें व पुल चलने लायक ही नहीं बचे है।
रामस्वरूपपुरवा से सहिबीनिया जाने वाली सड़क कटकर तालाब बन गई है। लहेेरी से विजईडीह जाने वाली सड़क का पुल बह गया है। रामगढ़ मैटहवा जाने वाली सड़क पहाड़ी नाले की बाढ़ में खत्म हो गई है।
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महराजगंज से ललिया जाने वाली सड़क डामर रोड की जगह मिट्टी की पगडंडी दिख रही है। शांतिनगर से मैटहवा जाने वाली सड़क तालाब बनी हुई है। लोहेपनिया जाने वाल सड़क का पुल बाढ़ में बह गया है।
यह तो केवल खरझार, हेंगहा व गौरिया पहाड़ी नाले की बाढ़ का दृश्य है। इनके अवगवा नकटी, भांभर, कवही व बूढ़ी राप्ती पहाड़ी नालों व नदियों ने भी दर्जनों सड़कों व पुलों को बाढ़ में चलने लायक नहीं छोड़ा है। इसी तरह राप्ती नदी की बाढ़ में भी कई सड़के व पुल क्षतिग्रस्त हुए है।
बाढ़ व बारिश के चलते ग्रामीण इलाका क्षतिग्रस्त सड़कों व पुलों के कारण करीब 15 लाख आबादी का सुगम आवागमन प्रभावित है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि अधिकांश सड़कों व पुलों के निर्माण में मानक व गुणवत्ता की अनदेखी की गई है।
इसी लिए यह सड़कें व पुल बारिश तथा बाढ़ की हल्की मार भी नहीं झेल पाते है। इन लोगों ने शासन-प्रशासन से शीघ्र क्षतिग्रस्त सड़कों व पुलों की मरम्मत कराए जाने की मांग की है।
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