फोटो-3-बलरामपुर के जिला मेमोरियल अस्पताल में मरीज देखते चिकित्सक ।-संवाद
बलरामपुर। तेज धूप, बढ़ते तापमान और धूल भरी हवा लोगों की सेहत पर असर डालना शुरू कर दिया है। जिला अस्पताल में एलर्जी, अस्थमा और सीओपीडी (क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज) के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। बुजुर्ग व सांस संबंधी बीमारी से पीड़ित लोगों की भीड़ ओपीडी में जुट रही है।
बकरीद पर एक दिन ओपीडी बंद होने के कारण शनिवार को जिला मेमोरियल अस्पताल में मरीजों की भीड़ दिखी। ओपीडी में कमरा नंबर एक चेस्ट फिजिशियन डॉ. गिरधर चौहान के कक्ष में मरीज ज्यादा दिखे। बीते कई दिनों से धूल भरी हवा व तेज धूप के कारण ओपीडी में इन दिनों सांस के मरीजों की संख्या बढ़ी है। प्रदूषण के कारण सर्दी, खांसी व एलर्जी के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। ओपीडी में खड़ी कमला ने बताया कि उन्हें खांसने में परेशानी है, चिकित्सक को दिखाने आई हूं। राधिका प्रसाद ने बताया कि कई दिनों से खांसी आ रही है, चिकित्सक ने एक्सरे जांच लिखा है। इसी तरह शोएब, रोहित, सुनील व पुष्पा भी चिकित्सक को दिखाने के लिए खड़ी हुई थीं। शुक्रवार को 410 मरीजों की ओपीडी हुई, इसमें 160 मरीज सर्दी, खांसी, बुखार व एलर्जी से प्रभावित दिखे। चेस्ट फिजिशियन डॉ. गिरधर चौहान ने बताया कि ओपीडी में खांसी, सांस फूलने, सीने में जकड़न और एलर्जी वाले मरीज ज्यादा आ रहे हैं। मरीजों को सेहत के प्रति ध्यान देने का सुझाव दिया जा रहा है। उन्होंने मरीजों को एलर्जी से बचने के लिए दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने व पर्याप्त मात्रा में पानी पीने का सुझाव दिया है। अस्थमा और सीओपीडी के मरीज अपने इनहेलर और दवाओं का नियमित इस्तेमाल करें। धूल और धुएं से बचने के लिए मास्क का प्रयोग करें। छोटे बच्चों और बुजुर्गों को अधिक सतर्क रहने की सलाह दी है। लगातार खांसी आने, सांस लेने में दिक्कत व सीने में दर्द की समस्या होने पर तत्काल चिकित्सक को दिखाने के लिए प्रेरित किया।