बलरामपुर। जिले में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को अधिक भरोसेमंद बनाने के लिए 1.54 करोड़ रुपये की लागत से 84 विद्युत ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि के साथ विभिन्न उपकेंद्रों पर विशेष मरम्मत और आधुनिकीकरण कार्य कराया जाएगा। योजना पूरी होने के बाद शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को लो-वोल्टेज, बार-बार होने वाले फाल्ट और ओवरलोडिंग की समस्या से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
वर्तमान में जिले के कई क्षेत्रों में पुराने तार, पोल और ट्रांसफार्मरों के सहारे बिजली आपूर्ति की जा रही है। बढ़ती बिजली मांग के कारण कई ट्रांसफार्मर अपनी क्षमता से अधिक भार वहन कर रहे हैं। गर्मी और बरसात के मौसम में इसके चलते फाल्ट और कम वोल्टेज की समस्या अक्सर सामने आती है। क्षमता वृद्धि के बाद ट्रांसफार्मरों पर दबाव कम होगा और बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर एवं सुचारु हो सकेगी।
शहरी क्षेत्र में कलेक्ट्रेट के पास सुहागिनपुरवा, पथिक होटल, गदुरहवा, बलुहा, देवीदयाल तिराहा, अंधियारीबाग, गन्ना कार्यालय, धर्मपुर, नहरबालागंज, गदुरहवा पानी टंकी, रामलीला मैदान, बड़ी इमली, कालीथान, डीएवी इंटर कॉलेज और नई बस्ती सहित कई स्थानों पर ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के सिंहपुर, लैबुड़वा, महाराजगंज तराई, दीनानगर, बलदेवनगर, भवनियापुर, जहानडीह, रतोही, भलुहिया, तेंदुआ, नारायनपुर, टेंगनहिया, सनौड़ा, चकवा, उदयराजपुरवा, साईंडीह, दल्लीपुर, गैंजहवा, रघवापुर, सिरसिया, भीखपुर, घुघुलपुर, कोड़री, सेखुई, चूल्हाभारी और पांडेयपुरवा समेत कुल 84 स्थानों पर यह कार्य कराया जाएगा।
अधीक्षक अभियंता चंद्रशेखर चौरसिया ने बताया कि ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि के साथ उपकरणों की मरम्मत, लाइन सुधार, सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने और तकनीकी खामियों को दूर करने का कार्य भी किया जाएगा। इससे फाल्ट की घटनाओं में कमी आएगी और उपभोक्ताओं को बेहतर एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति मिल सकेगी।