बलरामपुर। जिले के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। चित्तौड़गढ़ जलाशय से निकली मुख्य नहर एवं वितरण प्रणाली की पुनर्स्थापना कराई जाएगी। इस परियोजना पर कुल 6 करोड़ 54 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। शासन ने पहले चरण में 72 लाख 59 हजार रुपये जारी कर दिए हैं। कार्य पूरा होने के बाद नहरों की क्षमता बढ़ेगी और खेतों तक समय पर सिंचाई का पानी पहुंच सकेगा।
वर्षों से जर्जर हो चुकी मुख्य नहर और वितरण प्रणाली के कारण कई गांवों के किसानों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा था। नहरों की मरम्मत और पुनर्स्थापना होने से पानी का नुकसान कम होगा और सिंचाई व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी। इससे खरीफ और रबी दोनों फसलों की सिंचाई आसान होगी।
ग्रामवासी रामनाथ वर्मा ने कहा कि नहर की हालत खराब होने से हर साल सिंचाई में परेशानी होती थी। यदि काम समय से पूरा हो गया तो किसानों को निजी संसाधनों पर कम निर्भर रहना पड़ेगा। किसान शिवकुमार यादव ने कहा कि नहर दुरुस्त होने से फसलों की पैदावार बढ़ेगी और खेती की लागत भी घटेगी।
जलशक्ति विभाग के अनु सचिव राजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि चित्तौड़गढ़ जलाशय से निकली मुख्य नहर एवं वितरण प्रणाली की पुनर्स्थापना के लिए 6.54 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार कराया जाएगा, जिससे किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा मिल सके।