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Balrampur News: लापता जनसेवा केंद्र संचालक का शव जलाशय में मिला

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शमशाद ।-फाइल फोटो
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गैसड़ी/जरवा। बृहस्पतिवार से लापता जनसेवा केंद्र संचालक का शव शनिवार सुबह चित्तौड़गढ़ जलाशय में उतराता मिला। एसडीआरएफ की टीम ने शव को बाहर निकाला। घटना से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। दो मासूमों के सिर से पिता का साया उठ गया है।
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कोतवाली जरवा क्षेत्र के ग्राम मोहकमपुर निवासी शमशाद खान (32) जरवा के टड़वा में जन सेवा केंद्र संचालित करते थे। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शकील खान के अनुसार 26 मार्च को शमशाद सुबह करीब नौ बजे दुकान खोलने के बाद लगभग 11 बजे मोटरसाइकिल से निकले थे। दोपहर करीब डेढ़ बजे जानकारी मिली कि उनकी बाइक कोतवाली गैसड़ी क्षेत्र के चित्तौड़गढ़ जलाशय के तट पर खड़ी है। पास ही मोबाइल, पर्स और चप्पल रखे मिले। स्थानीय लोगों ने मोबाइल पर आ रहे कॉल को उठाकर परिजनों को सूचना दी। इसके बाद पुलिस को अवगत कराया गया। गैसड़ी पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास खोजबीन शुरू कर दी।
बृहस्पतिवार और शुक्रवार को एसडीआरएफ गोरखपुर की टीम और पीएसी 30वीं वाहिनी के जवानों ने जलाशय में रेस्क्यू अभियान चलाया, लेकिन सफलता नहीं मिली। शनिवार सुबह करीब 11 बजे जलाशय में शमशाद का शव उतराता दिखाई दिया। प्रभारी निरीक्षक दुर्विजय ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। अभी छानबीन की जा रही है।
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वीडियो बनाकर पत्नी से दूसरी शादी की कही बात

बताया जा रहा है कि शमशाद ने जलाशय में कूदने से पहले एक वीडियो भी बनाया था, जिसमें उन्होंने पत्नी सबीना से दूसरी शादी करने की बात कही और अपने दोनों बेटों अर्षू (8) व हसन (3) को परिवार की देखरेख में सौंपने की अपील की। साथ ही क्षेत्र के लोगों से लिए गए कर्ज का भुगतान अपने भाई अफरोज और सरफराज से कराने की बात भी कही। मृतक के पड़ोसी व मित्र कय्यूम ने बताया कि शमशाद तीन भाइयों में था। बड़े भाई अफरोज को दुबई और छोटे भाई सरफराज को मलेशिया भेजने के साथ ही घर बनवाने में उसने लाखों रुपये कर्ज ले रखा था। कर्जदारों के दबाव से वह काफी परेशान रहने लगा था।
रिश्वत लेने के मामले में थे सरकारी गवाह
शमशाद पूर्व में कोतवाली जरवा के दो सिपाहियों पर रिश्वत लेने के मामले में सरकारी गवाह भी रहे हैं। बताया जाता है कि संबंधित सिपाहियों ने एक युवक से रिश्वत के तौर पर उसके गूगल खाते में दस हजार रुपये मंगाए थे। इस मामले में दोनों सिपाहियों पर एफआईआर दर्ज हुई थी। बीते वर्ष 2025 में पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने दोनो सिपाहियों को बर्खास्त भी कर दिया था।
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