बलरामपुर। डाक विभाग ने गोंडा व बलरामपुर के दस गांवों को सुकन्या ग्राम के तौर पर विकसित करने की तैयारी की है। इसको लेकर गांवों में विशेष शिविर का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
डाक अधीक्षक किरन सिंह ने बताया कि बेटियों को सक्षम बनाने के लिए डाक विभाग ने एक नई योजना बनाई है। इसको लेकर दस ऐसे गांव चिन्हित किए गए हैं, जिन्हें पूरी तरह से सुकन्या ग्राम के तौर पर पहचाना जाएगा। इन गांवों में शून्य से लेकर दस वर्ष की आयु तक की प्रत्येक बेटी का सुकन्या का खाता खुलेगा। इसके माध्यम से महिला सशक्तीकरण की एक मुहिम चलाई जा रही है। इसके लिए गांवों में शिविरों का आयोेजन किया जा रहा है। साथ ही लोगों को मिशन शक्ति के तहत सजग किया जाएगा।
चिन्हित गांव एक नजर में
- बलरामपुर उप मंडल में गोदनहवा पोस्ट बनगाई व केसरगंज पोस्ट देवपुरा
- उतरौला उपमंडल में भरतपुर ग्रंट पोस्ट दौलता बाद ग्रंट व देवरिया अलावल
- गोंडा सदर मंडल में सुसुंडा व नीरपुर ख्याला
- नवाबगंज उप मंडल में बभनजोत व बनघुसरा
- कर्नलगंज उपमंडल में बिछूड़ी व सूर्यवंशम पूर्वा
सुकन्या समृद्धि योजना एक नजर में
- सुकन्या समृद्धि योजना का खाता न्यूनतम 250 रुपये में खोला जा सकता है। एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 250 रुपये व अधिकतम डेढ़ लाख रुपये की राशि 50 रुपये के गुणकों में जमा की जा सकती है।
- एक बेटी के नाम से केवल एक खाता खोला जा सकता है। परिवार में अगर दो बेटियां हैं तो दोनों के लिए यह खाता खोला जा सकता है। हालांकि जुड़वा बच्चे होने की स्थिति में संबंधित प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर तीसरा खाता भी खुलवाया जा सका है।
- इस खाते को देश के किसी भी डाकघर में स्थानान्तरित किया जा सकता है। बेटी की उम्र 18 वर्ष होने पर जमा राशि का 50 प्रतिशत बेटी की शिक्षा अथवा शादी के लिए लिए निलकवा सकते हैं।