बलरामपुर। रविवार को सूरज की तल्खी से फिर गर्मी के तेवर चढ़ गए हैं। तापमान 24 घंटे में 46 डिग्री सेल्सियस के पार हो गया। शनिवार को 45.4 डिग्री पर रहा अधिकतम पारा रविवार को 46.3 डिग्री सेल्सियस मापा गया। न्यूनतम तापमान भी मामूली बढ़त के साथ 32 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। जिसके चलते लोगों को अब दिन के बाद रात भी राहत नहीं मिल पा रही है। सुबह से ही सूरज आग बरसा रहा। घर से बाहर निकले लोगों का तपिश की वजह से चंद कदम चलना भी दुश्वार रहा।
सुबह नौ बजे से ही धूप चटख होने लगी थी। सूरज इस तरह तप रहा था मानो दोपहर के 12 बजे हों। वहीं जब घड़ी की दोनों सूई 12 पर आई तो तपिश की वजह से लोग घर से निकलने की हिम्मत नहीं जुटा सके। तेज धूप से बढ़ी गर्मी की वजह से सड़कें तप रही थीं। साइकिल, बाइक समेत अन्य दोपहिया वाहन सवार थोड़ी दूर चलने के बाद छांव तलाशते रहे। गर्मी का हाल यह था कि पानी पीने के थोड़ी देर बाद ही लोगों का गला सूखने लगता और प्यास सताने लगती। सूर्यास्त के बाद भी गर्मी से कोई बहुत राहत नहीं मिली। गर्म हवाएं झुलसाने का प्रयास करती रहीं। सात बजे के बाद भी लोग खुले आसमान के नीचे बैठने से कतराते रहे।
धूप से बचें, तुरंत न पीएं पानी
जिला मेमोरियल अस्पताल के डॉ. अजय पांडेय के मुताबिक बढ़ा तापमान और गर्मी लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है। जरा सी असावधानी किसी को भी बीमार कर सकती है। लोगों को धूप में निकलने से पहले सिर पर गमछा बांध लेना चाहिए। धूप से आकर तुरंत एसी या कूलर के सामने न जाएं। न ही पानी पीएं। ठंडे पेय पदार्थों से बचें। अन्यथा बुखार, उल्टी-दस्त जैसी परेशानी हो सकती है।
गर्मी के तेवर देख कृषि विभाग ने जारी की एडवाइजरी
-गर्मी के तेवर देख कृषि विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। उपकृषि निदेशक नरेंद्र कुमार ने कहा कि किसान धान की नर्सरी के लिए छायादार स्थान ही चुनें। प्रतिदिन नर्सरी की हल्की सिंचाई करें। खेत में पानी भरा न रहने दें। यदि पानी भरता है तो उसे सुबह निकाल दें। खेत में नाली के साथ पॉलिथीन शीट का प्रयोग करें। इससे पानी की बचत होगी। फसल की बुआई पंक्तियों में करने से सिंचाई आसानी से हो सकेगी।