गैसड़ी। पचपेड़वा क्षेत्र के बिशुनपुर टंटनवा गांव में मंगलवार रात घर के पीछे बने किचन में आग लगने से 17 वर्षीय शकीना की मौत हो गई। रात करीब 12 बजे किचन की ओर से शोर सुनाई देने पर परिजनों और आसपास के लोगों को घटना की जानकारी हुई। लोग चहारदीवारी पार कर किचन तक पहुंचे, लेकिन तब तक किशोरी की मौत हो चुकी थी। सूचना पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए।
मृतका की मां अजीजुन के मुताबिक, मंगलवार रात परिवार के सभी सदस्यों ने खाना खाया और फिर अपने-अपने कमरों में सोने चले गए। शकीना घर के पीछे बने किचन में चली गई और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। किचन में पुराना मोबिल ऑयल रखा था। मां के अनुसार, शकीना ने उसी तेल का इस्तेमाल कर आग लगा ली। कुछ देर बाद किचन की ओर से शोर सुनाई दिया। आग की लपटें उठती देख परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। किचन तक पहुंचने के लिए उन्हें चहारदीवारी पार करनी पड़ी। तब तक शकीना गंभीर रूप से झुलस चुकी थी और उसकी मौत हो गई थी।
परिजनों ने पुलिस को बताया कि शकीना मानसिक रूप से कमजोर थी। हालांकि, घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। सीओ अभय प्रताप मल्ल ने बताया कि फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सिंह मामले की जांच कर रहे हैं। अभी घटना के कारणों का पता नहीं चल सका है। परिजनों के बयान दर्ज किए गए हैं।
रात तक सब था सामान्य, सुबह से पहले छा गया मातम
शकीना तीन भाइयों और दो बहनों में एक थी। उसकी मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मंगलवार रात तक परिवार में सब कुछ सामान्य था। सभी ने साथ बैठकर खाना खाया और फिर अपने-अपने कमरों में सोने चले गए। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर बाद घर के पीछे बने किचन में हुई घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ेगा।
शकीना की दो बहनें गुलबहार और हसीना तथा तीन भाई शहजाद, शहबाज और अरबाज हैं। जिस घर में कुछ घंटे पहले तक रोजमर्रा की जिंदगी चल रही थी, वहां अब बेटी को खोने का गम पसरा है। शकीना की मौत से परिवार गहरे सदमे में है। घटना के कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
फोटो-15-शकीना।-फाइल फोटो