बलरामपुर। जिले की 385 ग्राम पंचायतों में डिजिटल किशोर पुस्तकालय खोलने की तैयारी अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। शासन ने इसके लिए 15.40 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया है। डीएम पवन अग्रवाल की निगरानी में गठित समिति लाइब्रेरी स्थापना और संचालन की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है।
योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की सुविधा गांव में ही मिल सकेगी। डीपीएम आकाश शर्मा ने बताया कि हर डिजिटल लाइब्रेरी पर चार लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। पंचायत भवनों में एक-एक कमरे को पुस्तकालय में तब्दील किया जाएगा। इनमें कंप्यूटर सिस्टम, दो टैबलेट, निशुल्क इंटरनेट, कुर्सी-टेबल, शुद्ध पेयजल, शौचालय और थीम आधारित पेंटिंग की व्यवस्था रहेगी। साथ ही हिंदी और अंग्रेजी अखबार, प्रतियोगी परीक्षाओं की पत्रिकाएं, साहित्य, कहानी और नाटक की किताबें भी उपलब्ध होंगी।
शुरू की गई प्रक्रिया
डिजिटल लाइब्रेरी के लिए उन्हीं ग्राम पंचायतों को योजना में शामिल किया गया है, जहां पंचायत भवन में कम से कम चार कमरे मौजूद हैं। चयनित पंचायतों में लाइब्रेरी की स्थापना प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
श्रेया उपाध्याय, डीपीआरओ
ग्रामीण युवाओं की मिलेंगी सुविधाएं
डिजिटल लाइब्रेरी ग्रामीण युवाओं के लिए बड़ा अवसर है। अब उन्हें पढ़ाई के लिए शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। शासन की मंशा है कि तकनीक और शिक्षा का लाभ गांव तक पहुंचे। निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जा रही है।
हिमांशु गुप्ता, सीडीओ