बलरामपुर। हरिहरगंज ललिया मार्ग स्थित लौकहवा डिप पर राप्ती नदी के पानी के तेज बहाव के कारण 150 गांवों की करीब 70 हजार की आबादी का आवागमन बंद हो गया है। डिप पर सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल लगाया गया है। मंगलवार को जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह बाढ़ प्रभावित इलाकों का भ्रमण करेंगे।
राप्ती के कहर से तुलसीपुर के साथ ही सदर व उतरौला तहसील के गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। प्रशासनिक तंत्र ने 46 गांवों के प्रभावित होने की बात कही है। राप्ती नदी खतरे के निशान से 42 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। ललिया के सहिबानगर, चौका कला, गंगा बख्श भागल व मधवनगर गांव में नदी कटान कर रही है। सहिबानगर में विजय कुमार, गुल्ले, दुखहरण, संतराम, रूद्रे, बजरंगी, जिलेदार, रक्षाराम व भूरे सहित 14 लोगों के घरों में नदी कटान कर रही है।
सोमवार को डीएम पवन अग्रवाल ने लौकहवा डिप का जायजा लिया। यहां पर पुलिस बल लगाने व नाव का प्रबंध करने को कहा है। डीएम ने अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी एवं सेतु निगम को राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने पर आवागमन बाधित न हो, इसके स्थायी समाधान के लिए प्रस्तावित सेतु के निर्माण को विशेष प्राथमिकता पर लेते हुए पानी उतरने के पश्चात शीघ्र कार्य प्रारंभ कराने का निर्देश दिया। डीएम ने राप्ती के किनारे बसे सभी गांवों में बड़ी नाव की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। मंगलवार को जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह बाढ़ प्रभावित इलाकों का स्थलीय भ्रमण करेंगे। इसको लेकर तैयारी की गई है।