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Balrampur News: राप्ती के कटान की जद में सुरहिया देवर गांव

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बलरामपुर के सुरहिया देवर गांव के पास कटान कर रही राप्ती नदी।-फाइल फोटो
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बलरामपुर/उतरौला। स्थानीय ब्लॉक का सुरहिया देवर गांव राप्ती नदी के कटान की जद में है। गांव के 20 किसानों की 145 बीघे जमीन नदी में समाहित हो चुकी हैं। वहीं पॉलिटेक्निक, पीएचसी, प्राथमिक विद्यालय व पंचायत भवन भी कटान के दायरे में है। यदि बरसात से पहले गांव के पास कटानरोधी कार्य न कराया गया तो गांव के साथ सरकारी संस्थान भी राप्ती नदी में विलीन हो जाएंगे।
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ग्रामीण जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, राघवेंद्र मिश्र, माधव सरन श्रीवास्तव, राधेश्याम यादव व पाटेश्वरी निषाद आदि ने बताया कि राप्ती नदी कटान करके सुरहिया देवर गांव के पास पहुंच चुकी है। गांव से नदी सिर्फ 50 मीटर की दूरी पर बह रही है। नदी ने गांव के 20 किसानों की 145 बीघे जमीन नदी में समा चुकी है। सुरहिया देवर गांव में करीब पांच करोड़ रुपये से बने छत्रपति साहू जी महाराज राजकीय पॉलिटेक्निक भवन के पास राप्ती नदी पहुंच चुकी है। यदि पॉलिटेक्निक भवन कट गया तो गांव के बच्चों का तकनीकी शिक्षा का सपना अधूरा रह जाएगा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जद में आया तो गांव के लोगों को इलाज नहीं मिल सकेगा। इलाज के लिए ग्रामीणों को उतरौला शहर का चक्कर काटना पड़ेगा। यदि बरसात से पहले सुरहिया देवर गांव के पास कटानरोधी कार्य नहीं कराया गया तो गांव कट जाने के साथ ही ग्रामीणों को सरकारी सुविधाओं के लाभ से वंचित होना पड़ेगा। (संवाद)
अभी तक नहीं शुरू हुआ कटानरोधी कार्य
ग्रामीण राघवेंद्र मिश्र ने बताया कि सुरहिया देवर गांव के पास राप्ती नदी के किनारे कटानरोधी कार्य कराने के लिए कई बार मांग की गई, लेकिन अभी तक कार्य शुरू नहीं हो सका है। बरसात से कटानरोधी कार्य कराकर गांव को सुरक्षित किया जा सकता है। पॉलिटेक्निक, पीएचसी, प्राथमिक विद्यालय व पंचायत भवन राप्ती नदी में कटने से ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित होना पड़ेगा।
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प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश


उतरौला तहसील के सुरहिया देवर गांव के पास कटानरोधी कार्य कराने के लिए ग्रामीणों ने प्रार्थनापत्र दिया है। गांव के पास कटानरोधी कार्य कराने का प्रस्ताव तैयार करने के लिए बाढ़ खंड को निर्देश दिया गया है। शासन से बजट मिलने के बाद बाढ़ खंड के माध्यम से कार्य कराया जाएगा। -राजेंद्र बहादुर, एसडीएम उतरौला
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