बलरामपुर। गन्ना किसानों को अब गुणवत्ता युक्त खाद-बीज उपलब्ध कराने की दिशा में पहल शुरू किया गया है। गन्ना विभाग की तरफ से चीनी मिलों को उर्वरक, जैव उर्वरक, सूक्ष्म पोषक तत्व, कीटनाशक और अन्य कृषि निवेश किसानों को उपलब्ध कराने से पहले उनकी गुणवत्ता की अनिवार्य जांच कराने का निर्देश दिया गया है। इस नई व्यवस्था से किसानों को प्रमाणित उर्वरक मिलेगा, फर्जी और घटिया उत्पादों पर रोक लगेगी। इससे गन्ना उत्पादन को नई मजबूती मिलेगी।
जिला गन्ना अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि प्रत्येक खाद-बीज बैच की जांच केवल मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं से कराई जाएगी। वही उर्वरक व कीटनाशक किसानों तक पहुंचेंगे जो जांच में निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरेंगे। साथ ही उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद और कृषि वैज्ञानिकों से अनुशंसित उत्पादों को प्राथमिकता दी जाएगी। उर्वरक का वितरण किसान की वास्तविक आवश्यकता, गन्ना क्षेत्रफल और वैज्ञानिक अनुशंसा के आधार पर ही होगा। लक्ष्य पूरा करने के लिए जबरन कृषि निवेश थोपने की व्यवस्था पूरी तरह समाप्त कर दी गई है।