बलरामपुर। बुधवार की रात आई तेज आंधी ने तराई में जमकर तबाही मचाई। गैसड़ी क्षेत्र में एक मुर्गी फार्म के नीचे सो रहे दंपती दबकर घायल हो गए। उपचार के दौरान पत्नी की मौत हो गई। जबकि दो अन्य घटनाओं में सात लोग घायल हो गए। अकेले तुलसीपुर तहसील क्षेत्र में 20 घर गिरने की सूचना है। वहीं, करीब 50 पेड़ गिरने के कारण कई इलाकों में आवागमन पर भी असर पड़ा है।
गैसड़ी के ग्राम भोजपुर थारू निवासी पारस ने बताया कि रात में वह और उसकी पत्नी बुधना (50) गांव के बाहर बनाए गए मुर्गी फार्म में लेटे हुए थे। अचानक आई आंधी के कारण मुर्गी फार्म गिर गया, जिसमें उसकी पत्नी दब गई। पत्नी को निकालने में वह भी घायल हो गया। हालांकि स्थानीय लोगों ने किसी तरह से बुधना को बाहर निकालकर सीएचसी लठावर ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान बृहस्पतिवार की सुबह उसकी मौत हो गई।वहीं भोजपुर थारू निवासी इकरामुल्ला ने बताया कि उनका घर व मुर्गी फार्म गिर गया। इसमें उनका 18 वर्षीय बेटा फहीम दबकर चोटिल हो गया। हुसैनी वर्मा ने बताया कि उसका टीन शेड का मकान गिर गया है। ग्राम पंचायत लालपुर रन्नूडीह के मजरे जमगड़वा में मोहम्मद हुसैन, अब्दुल्ला, रहमतुल्ला, निसार, बहादुर, सागर, अख्तर, शमसुद्दीन, गुलाम, रियाज, रईस, शौकत, हलीम का सीमेंटशेड का मकान व छप्पर गिर गया। इसमें अमीना खातून, आसमा, अमजद, राजा, रमजान, अब्दुल रऊफ, सबीहा हैदर घायल हो गए, जिनका इलाज सीएचसी लठावर गैसड़ी में कराया गया। ग्राम प्रधान मोहम्मद सफीक मोहम्मद, इस्लाम, रमजान, रफीक हैदर आदि ने बताया कि तेज आंधी के कारण काफी कई गिर गए।
इसके अलावा गौरा बिस्कोहर राजमार्ग पर स्थित कोलहुईया भोजपुर चौराहा पर तेज आंधी में संकेत सिंह के ढाबा का टीन शेड टूट गया। रोड किनारे ही सब्जी बेचने के लिए राजेश का छप्पर भी गिर गया। राजमार्ग पर ही स्थित धनीराम की पान और चाय की लोहे से निर्मित ढाबली तेज आंधी से उड़ कर खेत में चली गई। जैतापुर चौराहे पर दीपक की ढाबली रोड किनारे गड्ढे में पहुंच गई। वैसे आंधी की रफ्तार 40 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार थी।
पेड़ गिरने से आवागमन पर असर
गैसड़ी में तेज आंधी के कारण बुधवार की रात मुख्य बौद्ध मार्ग पर दलपुर बकौली के पास पुराना पेड़ गिर गया। इससे करीब दो घंटे आवागमन प्रभावित रहा। उतरौला अयोध्या मार्ग पर तेज आंधी में सुंदरघाट के पास सड़क पर पेड़ गिरने से एक तरफ का आवागमन प्रभावित रहा।
जिले में आई आंधी व तूफान को लेकर प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। राजस्व निरीक्षकों व लेखपालों को प्रभावित इलाकों में सर्वे करके रिपोर्ट देने को कहा गया है। रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की जाएगी।
-प्रदीप कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व