फोटो-35-बलरामपुर के सदर तहसील में आयोजित किसान दिवस में मौजूद किसान ।-स्रोत: विभाग
बलरामपुर। साहब... उद्यान विभाग के अधिकारी फोन तक नहीं उठाते। कार्यालय पहुंचने पर भी किसानों को इंतजार करना पड़ता है, जबकि योजनाओं का लाभ अपने चहेतों को पहुंचाया जा रहा है। पात्र किसान जानकारी और लाभ के लिए भटकते रहते हैं। बुधवार को सदर तहसील सभागार में आयोजित किसान दिवस में किसान जितेंद्र मिश्रा ने यह शिकायत करते हुए उद्यान विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने मामले की आकस्मिक जांच कराकर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
किसान दिवस में तहसीलदार शशांक शेखर मिश्रा ने किसानों की शिकायतें सुनीं। भारतीय किसान यूनियन (अम्बावता) के जिलाध्यक्ष जितेंद्र मिश्रा ने तुलसीपुर तहसील के मोहनापुर (बरदहवा) गांव में जलभराव की समस्या उठाई। उन्होंने कहा कि रास्ते पर पानी भरा होने से ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल हो गया है। बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाने, बच्चों के स्कूल जाने और आपात स्थिति में एंबुलेंस के गांव तक पहुंचने में परेशानी होती है।
किसान बच्छराज ने ग्राम विकास अधिकारियों पर ग्राम सभाओं में खुली बैठकें नहीं कराने और अभिलेखों में बैठकें दर्शाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इससे गरीब और पात्र किसानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी नहीं मिल पाती और वे लाभ से वंचित रह जाते हैं।
लघु सिंचाई विभाग की बोरिंग योजना के तहत लाभार्थियों, बोरिंग वाले गांवों और पाइप खरीद के बिल-बाउचर का विवरण सार्वजनिक कराने की मांग भी की गई। किसान दिवस में उप कृषि निदेशक श्याम नारायण राम, जिला कृषि अधिकारी उपेंद्र नाथ खरवार समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।