फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Balrampur News: उल्टी-दस्त से सात माह के मासूम की मौत, चार परिजन बीमार

विज्ञापन
बलरामपुर के धर्मपुर उत्तरी गांव में ग्रामीणों को दवा वितरित करती टीम ।-संवाद
विज्ञापन
गौरा चौराहा। तुलसीपुर क्षेत्र के गौरा माफी गांव के बाद अब सीएचसी नंदनगर क्षेत्र के धरमपुर उत्तरी गांव में उल्टी-दस्त ने कहर शुरू हो गया है। मंगलवार को गांव में सात माह के मासूम शिवांश की मौत हो गई। वहीं परिवार के चार सदस्य भी बीमार हैं, जो तुलसीपुर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में फैली गंदगी और प्रशासन की अनदेखी से बीमारी फैल रही है।
विज्ञापन


सदर ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम सभा खजुरिया के मजरा धरमपुर उत्तरी निवासी जनकराम का सात माह का पुत्र शिवांश मंगलवार को अचानक उल्टी-दस्त की चपेट में आ गया। बुधवार रात तीन बजे उसकी मौत हो गई। इसी परिवार में मासूम की दादी सुमना (55), मां रेनू (28), भाई सुधांश (4) और बहन जाह्नवी (6) भी बीमारी से पीड़ित हैं। चारों का इलाज तुलसीपुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। करीब दस दिन पहले जनकराम की बहन मीतावती (17) भी इसी संक्रमण की चपेट में आ चुकी थी, हालांकि अब वह स्वस्थ है। बच्चे की मौत को लेकर ग्रामीण उल्टी-दस्त को कारण मान रहे हैं, जबकि स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि मौत निमोनिया से हुई है। हालांकि विभागीय टीमें गांव में जांच और उपचार कर रही हैं।
120 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी के निर्देश पर सीएचसी नंदनगर के अधीक्षक डॉ. जावेद अख्तर अपनी टीम के साथ गांव पहुंचे। स्वास्थ्य शिविर लगाकर करीब 120 लोगों की जांच की गई। बीमारों के खून के नमूने लिए गए। गांव में बुखार और अन्य बीमारियों से बचाव की दवाएं वितरित की गईं। टीम ने ग्रामीणों को साफ-सफाई और रोगों से बचाव के तरीके भी बताए। बीमारी पर काबू पाने के लिए गांव में टेमीफास और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव भी कराया गया।
विज्ञापन


सफाई के अभाव में फैल रहा संक्रमण
गांव के ओम प्रकाश वर्मा, नीलू, फूलमती और सीता ने बताया कि गांव में गंदगी फैली हुई है। नालियां बजबजा रही हैं, कोई सफाई व्यवस्था नहीं है। यही वजह है कि संक्रामक बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अधिकारियों की लापरवाही से गांव के लोग बीमारी की चपेट में हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय जनप्रतिनिधि गांव में बीमारी फैलने के बाद भी चुप्पी साधे हुए हैं। न तो कोई हाल जानने आया और न ही सफाई अभियान शुरू कराया गया। लोगों ने प्रशासन से तत्काल गांव में सफाई और दवा छिड़काव की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें