बलरामपुर। गर्मी के लंबे अवकाश के बाद जिले के परिषदीय विद्यालयों में 16 जून से बच्चों की चहल-पहल लौटेगी। स्कूलों की घंटियां फिर बजेंगी, कक्षाओं में पढ़ाई शुरू होगी और नए सत्र को सफल बनाने के लिए शिक्षा विभाग भी पूरी तरह सक्रिय हो गया है। विभाग ने ग्रीष्मावकाश के बाद विद्यालयों के संचालन की तैयारी कर ली है। इनमें नामांकन बढ़ाने, छात्र-छात्राओं की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने, आधारभूत सुविधाओं को दुरुस्त रखने पर विशेष जोर है।
बीएसए विकास चंद्र श्रीवास्तव विद्यालय ने बताया कि स्कूल चलो अभियान के दूसरे चरण को गति दी जाएगी। पहले चरण में 50 हजार से अधिक नामांकन कर जिला प्रदेश में अव्वल रहा है, दूसरे चरण में भी बेहतर कार्य किया जाएगा। साथ ही प्राथमिक विद्यालयों से उच्च प्राथमिक और उच्च प्राथमिक से माध्यमिक स्तर तक विद्यार्थियों का शत-प्रतिशत ट्रांजिशन कराने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। नए सत्र में केवल नामांकन ही नहीं, बल्कि बच्चों की नियमित उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा भी प्राथमिकता में रहेगी। शिक्षकों को शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार कक्षाएं संचालित करने, समय पर मूल्यांकन कार्य पूरा करने और निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को हासिल करने के निर्देश दिए गए हैं। जनपद स्तर पर एआरपी और ईसीसीई एजुकेटर चयन की लंबित प्रक्रिया भी पूरी कराई जाएगी ताकि प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाया जा सके। शिक्षकों और कर्मचारियों से जुड़े मामलों को भी प्राथमिकता दी है। बीएसए ने बताया कि कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत सभी पात्र शिक्षकों और कर्मचारियों का पंजीकरण अभियान मोड में पूरा कराया जाएगा। अंतरजनपदीय स्थानांतरण प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी तथा चयन वेतनमान, सेवानिवृत्ति लाभ और मृतक आश्रित नियुक्तियों से जुड़े लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण कराया जाएगा। इसके साथ ही आरटीई से चयनित बच्चों के लंबित प्रवेश पूरे कराने, नव भारत साक्षरता कार्यक्रम को गति देने के निर्देश भी दिए गए हैं। स्वयं सहायता समूहों, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोग से साक्षरता अभियान को और प्रभावी बनाया जाएगा।
विद्यालयों में सुविधाएं पूरी कराने की तैयारी
विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं में पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था और बालिकाओं के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विभाग का जोर है। दिव्यांग बच्चों के लिए सुगम वातावरण तैयार करने पर भी जोर दिया गया है। बीएसए ने बताया कि जर्जर विद्यालय भवनों की पहचान कर आवश्यक सुरक्षा उपाय करने तथा जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पीएम पोषण योजना के तहत लंबित भुगतान शीघ्र निस्तारित किए जाएंगे। साथ ही विद्यालय परिसरों में किचन गार्डन विकसित कर स्थानीय स्तर पर सब्जियों के उत्पादन को बढ़ावा देने की योजना पर भी काम होगा। इससे बच्चों को पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।