बलरामपुर। सदर तहसील के सरदारगढ़ गांव पर राप्ती नदी से कटान का खतरा मंडरा रहा है। नदी की जद में गांव का उच्च प्राथमिक विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, तीन करोड़ 64 लाख 83 हजार से बनी पानी की टंकी, मंदिर, सार्वजनिक शौचालय व कई घर आ गए हैं। राप्ती नदी में अब तक गांव के 50 किसानों की 150 बीघे से अधिक जमीनें समाहित हो चुकी हैं। यदि बरसात से पहले कटानरोधी कार्य न हुआ तो कई घर व सरकारी प्रतिष्ठान नदी में विलीन हाे जाएंगे।
सदर तहसील के सरदारगढ़ निवासी सहज राम, मदन मोहन, घनश्याम मिश्र, भरत गोपाल मिश्र व गोविंद पांडेय बताते हैं कि राप्ती नदी अब तक 50 किसानों की जमीनें काट चुकी है। राप्ती नदी की कटान से पूरा गांव सड़क के किनारे विस्थापित हो चुका है। राप्ती नदी कटान करते हुए गांव में बने उच्च प्राथमिक विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, पानी की टंकी, मंदिर व सार्वजनिक शौचालय के साथ ही कई घरों के पास पहुंच चुकी है। उच्च प्राथमिक विद्यालय कटा तो गांव के बच्चों की पढ़ाई ठप हो जाएगी।
आंगनबाड़ी केंद्र पर पंजीकृत लाभार्थियों को लाभ दिलाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। पानी की टंकी कट जाने पर ग्रामीणों के शुद्ध पानी पीने का सपना भी धरा रहा जाएगा। सार्वजनिक शौचालय न होने से खुले में शौच के लिए जाना पड़ेगा। नदी के कटान की धारा भी गांव की तरफ बह रही है। पिछले वर्ष खेतों में गन्ने के साथ धान व मक्का लगी आदि फसलों को राप्ती नदी काट करके किसानों को तबाह कर चुकी है। कटान से किसानों को होने वाले फसल नुकसान का मुआवजा भी नहीं मिला था, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था। यदि बरसात से पहले कटानरोधी कार्य नहीं कराया गया तो राप्ती नदी की कटान पर अंकुश लगाना काफी मुश्किल होगा। (संवाद)
आठ कटान पीड़ितों को मिला था 64 हजार रुपये का मुआवजा
ग्राम प्रधान वीरेंद्र दत्त बताते हैं कि आठ कटान पीड़ितों को प्रशासन की तरफ से 64 हजार रुपये का मुआवजा दिया गया था। छप्पर के मकान कटने के कारण प्रत्येक पीड़ित को आठ-आठ हजार रुपये की मदद आपदा विभाग से मिली थी। ग्रामीण बजरंगी, लवकुश, कृष्ण कुमार, छैल बिहारी, दिवाकर, लाटबक्श, ठाकुर प्रसाद शुक्ल व राहुल आदि ने प्रशासन से बरसात से पहले कटानरोधी कार्य कराने की मांग की है।
कटानरोधी कार्य कराने की तैयारी
सदर तहसील के सरदारगढ़ गांव के पास कटानरोधी कार्य कराने की तैयारी की जा रही है। शासन से कटानरोधी कार्य कराने के लिए बजट की डिमांड की गई है। बजट मिलने पर गांव के पास कटानरोधी कार्य शुरु कराया जाएगा।
-संजय कुमार, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड