बलरामपुर। संस्कृत विद्यालयों में बेहतर शिक्षा का माहौल बनाने के लिए उनका कायाकल्प किया जाएगा। यह विद्यालय भी आदर्श विद्यालय के रूप में दिखेंगे। प्रोजेक्ट अलंकार योजना के तहत विद्यालयों में बेहतर पेयजल, अच्छे शौचालय, अतिरिक्त कक्षा कक्ष व प्रयोगशाला आदि का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए विभाग ने एक करोड़ 25 लाख रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है।
जिले में संचालित होने वाले राधाकृष्ण संस्कृत विद्यालय तुलसीपुर, एमपीपी संस्कृत महाविद्यालय बलरामपुर व आदर्श भगवती संस्कृत विद्यालय भगवतीगंज विद्यालय प्रशासन की अपेक्षा के चलते बदहाल हो गए हैं। इन्हें सुधारने के लिए कभी सरकार की ओर से कोई पहल नहीं हुई। इन वजह से संस्कृत विद्यालयों में लगातार विद्यार्थियों की संख्या में कमी होने लगी। इसको देखते हुए शासन ने संस्कृत विद्यालयों को सुधारने की योजना तैयार की है। बेसिक शिक्षा विभाग में चल रहे मिशन कायाकल्प योजना के तहत इन विद्यालयों में मिशन अलंकार योजना के तहत कायाकल्प किया जाएगा। इसके लिए दो विद्यालयों को 50-50 लाख और एक विद्यालय को 25 लाख रुपये मिलेंगे। प्रोजेक्ट अलंकार योजना के तहत विद्यालयों में बेहतर पेयजल, अच्छे शौचालय, अतिरिक्त कक्षा कक्ष, प्रयोगशाला, खेल मैदान, बैडमिंटन व वालीबाल कोर्ट की स्थापना, चहारदीवारी, साइकिल स्टैंड, स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय, रेनवाटर आदि संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
संस्कृत विद्यालयों को अलंकार योजना के तहत कायाकल्प किया जाना है। विद्यालयों से प्रस्ताव लेकर शासन को भेजा गया है। बजट मिलते ही विद्यालयों में कायाकल्प के तहत कार्य शुरू करा दिए जाएंगे।
गोविंद राम, डीआईओएस