फोटो-14-बलरामपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र सदारगढ़ का निरीक्षण करते एडीएम राम अभिलाष व अन्य।-संवाद
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बलरामपुर। बाढ़ से बचाव के लिए राप्ती नदी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कराए जा रहे पैचिंग, कटर एवं नोज निर्माण कार्य का एडीएम ने बुधवार को निरीक्षण किया। पैचिंग कार्य धीमा पाए जाने पर एडीएम ने नाराजगी जताते हुए निर्धारित समय के अंदर कार्य पूर्ण कराने का निर्देश बाढ़ खंड के एई को दिया। उन्होंने नदी के बीच से सिल्टेड बालू और नोज हटवाए जाने का निर्देश भी दिया।
एडीएम राम अभिलाष बुधवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र सरदारगढ़, मदारा और रामनगर बेलहा में राप्ती नदी पर कराए जा रहे पैचिंग, कटर व नोज निर्माण कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे। बाढ़ खंड के एई ने एडीएम को बताया कि सरदारगढ़ में 550 मीटर स्लोब काटकर नोज और स्टड्स बनाए जाएंगे। इसके साथ ही लगभग 800 पर्क्यूपाइन भी लगाया जाएगा। एडीएम ने निर्देश दिया कि नदी के बीच में जो सिल्ट जमा है, उसे मड पंप से लूप कटिंग करवाया जाए, ताकि पानी की धारा किनारे न जाकर बीच में बहे। इससे कटान का खतरा कम होगा। ग्राम मदारा में पैचिंग का कार्य काफी धीमा पाया गया, जिस पर एडीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए एई को समय के अंदर कार्य पूर्ण कराने का निर्देश दिया। जेई अनिल कुमार गौतम ने एडीएम को बताया कि मदारा में 550 मीटर के अंदर 18 कटर बनाने का कार्य किया जाएगा।
मदारा में निरीक्षण के बाद एडीएम सीधे रामनगर बेलहा बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे। वहां पर उन्हें पिचिंग का कार्य होते मिला, लेकिन जेई व एई अनुपस्थित मिले। बताया गया कि बेलहा में 600 मीटर पिचिंग का कार्य होगा। जियो बैग से नोज एवं कटर बनाए जाएंगे। एडीएम ने बाढ़ खंड के कर्मचारियों को निर्देश दिया कि नदी के बीच सिल्टेड बालू और नोज को हटाया जाए। निरीक्षण के दौरान जिला आपदा विशेषज्ञ अरुण सिंह तथा एई बाढ़ खंड आशीर्वाद चंचल आदि मौजूद रहे।