बलरामपुर। सिंचाई विभाग की लापरवाही 10 हजार किसानों पर भारी पड़ रही है। नहर कटने के कारण गिरगिटही जलाशय का पानी खेतों में जाने के बजाए जंगल व नालों में बह रहा है। बांध का पानी खेतों तक नहीं पहुंचने से असिंचित क्षेत्र के दर्जनों गांवों में धान व गन्ने की फसल सूख रही है। कई गांवों के प्रधानों सहित क्षेत्रीय किसानों ने सिंचाई विभाग की लापरवाही पर आक्रोश जताते हुए डीएम से बांध व नहर की मरम्मत कराने की मांग की है।
तेंदुआनगर के ग्राम प्रधान अहमद हुसैन, गुगौलीकला के ग्राम प्रधान सियाराम यादव, शंकरपुर गिरगिटही के ग्राम प्रधान तपन विश्वास एवं क्षेत्रीय किसान दिवाकर पांडेय, सोमनाथ, दुर्गा प्रसाद आदि ने डीएम को शिकायती पत्र भेजा है। इसमें कहा है कि गिरगिटही जलाशय का बांध तथा उससे निकलने वाली नहरें कई जगह कट गई हैं। इसके कारण जलाशय का पानी जंगल व नालों में फैल रहा है।
जलाशय का पानी खेतों तक नहीं पहुंचने से असिंचित क्षेत्र के गिरगिटही, गुगौलकला, दूबेपुरवा, पचपेड़वा, शंकरपुर, हरैया, सतघरवा, निधिपुरवा, सिसहनिया, फतेहनगर, गोपालपुर, लबेदपुर, कमदा, पूरनपुर, गुगौलीखुर्द, मिश्रपुरवा, अंधरपुरवा, भंगहा आदि गांवों में करीब 10 हजार किसानों की फसल सूख रही है। असिंचित क्षेत्र होने के कारण इन गांवों में जलाशय की नहर के अलावा सिंचाई का अन्य कोई साधन नहीं है। इसके चलते फसल की सिंचाई नहीं हो पा रही है।
सिंचाई के अभाव में धान व गन्ने की फसल सूखने लगी है। इन लोगों का ये भी कहना है कि नहर कटने की सूचना विभागीय अधिकारियों के साथ-साथ क्षेत्रीय विधायक को भी दी गई है। मगर अधिकारी किसानों की समस्या के प्रति पूरी तरह उदासीन हैं और विधायक भी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। ग्राम प्रधानों ने कहा कि यदि नहर की मरम्मत न हुई तो फसल सूखने के साथ-साथ जलाशय का पानी भी जल्द ही समाप्त हो जाएगा। ऐसे में वन्यजीवों को भी पानी के लिए भटकना पड़ेगा। इन लोगों ने जिलाधिकारी से नहर की मरम्मत कराने की मांग की है।