बलरामपुर। पहाड़ों पर हुई भारी बारिश के चलते राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। शुक्रवार को शाम चार बजे तक राप्ती नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु से चार सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। जलस्तर बढ़ने से निचले इलकों के ग्रामीणों पर राप्ती नदी के कटान का कहर टूट रहा है। महाराजगंज तराई और गौरा चौराहा थाना क्षेत्र में पहाड़ी नालों में आए बाढ़ के पानी से जनजीवन अभी भी अस्त-व्यस्त है।
शुक्रवार को दिन भर मौसम साफ रहा। इससे पहले बीते कई दिनों की बारिश के चलते महाराजगंज तराई और गौरा चौराहा थाना क्षेत्र में पहाड़ी नालों में आए बाढ़ के पानी से लोगों को भारी दुश्वरियां झेलनी पड़ रही है।
गौरा चौराहा थाना क्षेत्र के तुलसीपुर-गौरा चौराहा मुख्य मार्ग पर बाढ़ का पानी आने से अभी भी आवागमन बहाल नहीं हो सका है। दतरंगवा डिप पर स्थानीय व दूर दराज के लोगों को बाढ़ के पानी में जान जोखिम में डालकर पार करना पड़ रहा है। कौवापुर रेलवे स्टेशन के पास एक साल से पुल का बाईपास निर्माण कराया जा रहा है।
निर्माण पूरा न होने से आधा अधूरा होने से अभी भी आवागमन बहाल नहीं हो सका है। क्षेत्र के लोग पटरी व बल्ली के सहारे पुल पार करने को मजबूर है। सिसई घाट के स्किल वर्क असिस्टेंट मेराज ने बताया कि शुक्रवार की शाम को राप्ती नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु से सायं चार बजे तक राप्ती नदी चार सेंटीमीटर ऊपर रहा।
103.62 मीटर चेतावनी बिंदु को पार कर राप्ती का जलस्तर 103.66 मीटर पहुंच गया है। राप्ती का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में कटान तेज हो गई है। सदर व उतरौला तहसील क्षेत्र के 30 से अधिक गांवों में राप्ती नदी कटान कर रही है।
एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार शुक्ल ने बताया कि महराजगंज तराई के कौवापुर के पास अधूरे पुल निर्माण कराने के लिए पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन को निर्देश दिया गया है। दतरंगवा डिप पर स्थानीय लोगों को पार कराने के लिए नाव का इंतजाम कराने और राप्ती नदी के निचले इलाकों में कटान को रोकने के लिए बाढ़ खंड के अधिकारियों को दिशा निर्देश दिया गया है।