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Balrampur News: सर्द मौसम में भी आधार के लिए सुबह से कतार

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बलरामपुर। आधार बनवाने और उसमें संशोधन कराने के लिए लोगों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। सर्द मौसम में भी लोग सुबह से ही लंबी कतारों में लगने को मजबूर हैं। इसके बाद भी आधार के लिए हफ्तों दौड़ लगानी पड़ रही है।
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वीर विनय चौराहे के समीप डाकघर में कतार में खड़े मिले सदर ब्लॉक के खगईजोत निवासी शिवकुमार का कहना था कि चार दिनों से बेटे आशीष का आधार बनवाने के लिए दौड़ रहे हैं। बच्चे के स्कूल में आधार लगाना है, तभी उसे योजना का लाभ मिलेगा। बेलहा निवासी मोहम्मद अकरम ने बताया कि वह बेटी इरम फातिमा व बेटा मोहम्मद अल्तमश अंसारी का आधार कार्ड बनवाने के लिए आए थे। कहा कि स्कूल में बच्चों का आधार कार्ड देने के बाद ही ड्रेस, जूता, मोजा, स्वेटर एवं बैग खरीदने के लिए 1200 रुपये मिलेंगे।
सदर ब्लॉक के बहादुरापुर निवासी राम जियावन अपने चाचा रामजस का वृद्धावस्था पेंशन में आधार अपडेट कराने के लिए 15 दिनों से चक्कर काट रहे हैं। वहीं विशुनापुर खमौवा निवासी शेर खान अपने बेटी का आधार बनवाने के लिए एक माह से चक्कर काट रहे हैं।
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दरअसल, आधार के बिना विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्रों को नहीं मिल पाता है। वहीं, शिक्षा से जुड़ी योजनाओं का लाभ लेने के लिए बच्चों का आधार भी स्कूलों में अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे में नया आधार बनवाने व पुराना आधार अपडेट कराने के लिए सेंटरों पर रोजाना भारी भीड़ जुट रही है। जिले में प्रधान डाकघर के साथ ही उप डाकघर भगवतीगंज, उतरौला, सादुल्लाहनगर, रेहरा बाजार, पचपेड़वा व शिवपुरा के सेंटरों पर आधार बनवाने व अपडेट कराने के लिए रोजाना भारी भीड़ जुट रही है। सेंटरों पर प्रतिदिन 50 से 60 लोगों का आधार बन पा रहा है। भारी भीड़ के चलते लोगों को तीन दिन का समय दिया जा रहा है। वहीं, तुलसीपुर व मथुरा बाजार में मशीन खराब होने से काम बाधित है। यहां के लोगों को अपने नजदीक के सेंटर पर जाना पड़ता है। (संवाद)
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तीन हजार लोगों के राशन पर संकट
जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से 36,789 अंत्योदय कार्डधारकों के एक लाख 25 हजार 977 परिवारों के सापेक्ष एक लाख 23 हजार 585 की आधार सीडिंग हुई है, जबकि दो हजार 392 की आधार सीडिंग होनी है। वहीं, पात्र गृहस्थी योजना के तीन लाख 14 हजार 509 कार्डधारकों के 15 लाख 20 हजार 365 परिवारों के सापेक्ष 15 लाख 19 हजार 751 की आधार सीडिंग हुई है, जबकि 614 की आधार सीडिंग होनी है।
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44 हजार किसानों की सम्मान निधि भी फंसी
जिले में 2,99,934 किसानों का प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना में पंजीकरण है। सम्मान निधि पाने के लिए किसानों को अब लैंड सीडिंग, एनपीसीआई (नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) व आधार से ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है। जिले में 2,55,800 किसानों ने ही अभी तक लैंड सीडिंग, एनपीसीआई व आधार से ई-केवाईसी कराई है। लैंड सीडिंग, एनपीसीआई, एनपीसीआई व आधार से ई-केवाईसी के फेर में 44134 किसानों की सम्मान निधि फंसी है।

पांच हजार बच्चों का बनना है आधार
बेसिक शिक्षा विभाग में 2,08,297 विद्यार्थियों का पंजीकरण है। जो बैंक खाते बच्चे व अभिभावकों के आधार से लिंक हैं, उन्हीं खातों में ड्रेस, जूता, मोजा, स्वेटर व बैग खरीदने के लिए 1200-1200 रुपये डीबीटी के माध्यम से भेजे जाते हैं। जिले में पांच हजार बच्चों के आधार कार्ड नहीं बने हैं। ऐसे में खाते से बच्चों का आधार लिंक न होने के कारण उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

15,473 को पेंशन का इंतजार
आधार से ई-केवाईसी के चक्कर में 15,473 को पेंशन पाने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। जिले में 39 हजार 772 पात्रों का वृद्धावस्था पेंशन में पंजीकरण है। आधार से लिंक न होने से 13 हजार 473 पात्रों को पेंशन नहीं मिल रही है। वहीं, जिले में 28 हजार निराश्रित पेंशनधारक हैं, इसमें 26 हजार को पेंशन मिली है, जबकि दो हजार को आधार अपडेट होने के बाद ही पेंशन मिल सकेगी।

पहले से कम हुई भीड़
डाकघरों में आधार बनवाने व अपडेट कराने वालों की संख्या में पहले की अपेक्षा अब कमी आ रही है। यदि निजी सेंटरों पर भी आधार का काम होने लगे तो समस्या को कम किया जा सकता है।
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- नरेंद्र प्रताप, पोस्टमास्टर, प्रधान डाकघर
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